आजकल बड़ी संख्या में लोग हर महीने म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने के लिए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP का इस्तेमाल करते हैं। इसमें एक तय रकम नियमित अंतराल पर निवेश की जाती है। इससे निवेश की आदत बनती है और बाजार के अलग-अलग स्तरों पर यूनिट खरीदने का मौका मिलता है। हालांकि, SIP कोई अलग निवेश प्रोडक्ट नहीं, बल्कि म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने का एक तरीका है। इसमें मिलने वाला रिटर्न इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस फंड में निवेश किया है और बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा है। इसमें मुनाफे की गारंटी नहीं होती।
1. SIP से बाजार का जोखिम खत्म नहीं होता
SIP का एक फायदा यह है कि आप एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करते हैं। इससे बाजार में निवेश करने के सही समय का अनुमान लगाने की जरूरत कुछ कम हो जाती है। लेकिन अगर बाजार लंबे समय तक गिरता है या आपने महंगे शेयरों में निवेश करने वाला फंड चुना है, तो आपके निवेश की वैल्यू घट सकती है। यानी नियमित निवेश करने के बावजूद नुकसान संभव है।
2. गलत फंड चुनने से घट सकता है रिटर्न
कई निवेशक पिछले साल सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले फंड को देखकर उसमें SIP शुरू कर देते हैं। लेकिन जरूरी नहीं कि वही फंड आगे भी अच्छा प्रदर्शन करे। इसी तरह, अगर आप अलग-अलग नाम वाले कई फंड में निवेश करते हैं, लेकिन वे सभी एक ही सेक्टर में पैसा लगाते हैं, तो आपका जोखिम कम होने के बजाय बढ़ सकता है। इसलिए फंड चुनते समय उसके निवेश, जोखिम और प्रदर्शन को समझना जरूरी है।
3. फंड की फीस पर भी दें ध्यान
म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेश को संभालने के लिए एक्सपेंस रेश्यो यानी प्रबंधन शुल्क लेती हैं। यह शुल्क फंड की संपत्ति से काटा जाता है, इसलिए इसका असर आपके रिटर्न पर पड़ता है। लंबे समय तक निवेश करने पर फीस में छोटा अंतर भी कुल कमाई को प्रभावित कर सकता है। फंड चुनते समय उसकी लागत की तुलना करना उपयोगी रहता है।
4. बाजार गिरने पर SIP बंद करना पड़ सकता है भारी
जब बाजार में गिरावट आती है, तो कई निवेशक डरकर अपनी SIP रोक देते हैं। लेकिन गिरते बाजार में एक ही रकम से पहले के मुकाबले ज्यादा यूनिट मिल सकती हैं। बाद में बाजार संभलने पर इससे फायदा हो सकता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि बाजार हर बार जल्दी संभल जाए। निवेश जारी रखने का फैसला अपने लक्ष्य, आर्थिक स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार करें।
5. कम समय में बड़े रिटर्न की उम्मीद न रखें
SIP से तुरंत बड़ा मुनाफा कमाने की उम्मीद करना भी एक गलती है। बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण कुछ समय तक रिटर्न कम या निगेटिव रह सकता है। इसलिए निवेश शुरू करने से पहले तय करें कि पैसा किस लक्ष्य के लिए लगा रहे हैं और आपको उसकी जरूरत कब पड़ेगी। जरूरत के पैसे को जोखिम वाले फंड में निवेश करने से बचें।
SIP में निवेश करते समय क्या सावधानी रखें?
SIP बंद करना ही इन जोखिमों का समाधान नहीं है। बेहतर तरीका है कि अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के हिसाब से फंड चुनें, निवेश की लागत पर ध्यान दें और समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें। बाजार में गिरावट आने पर जल्दबाजी में फैसला न लें, लेकिन सिर्फ पुराना प्रदर्शन देखकर किसी फंड में बने भी न रहें। ध्यान रखें, SIP नियमित निवेश में मदद करती है, लेकिन मुनाफे की गारंटी नहीं देती। म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश से पहले संबंधित योजना के दस्तावेज ध्यान से पढ़ें।
