Apple CEO John Ternus : दुनिया के सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन ब्रांड आईफोन को बनाने वाली एपल की कमान अब टिम कुक की जगह जॉन टर्नस के हाथ में आ गई है। टर्नस 1 सितंबर को टिम कुक की जगह एपल के CEO बने हैं। एपल के नए CEO बने टर्नस कंपनी के लिए बिलकुल नए नहीं हैं। वे पिछले 25 साल से कंपनी के साथ हैं।
जॉन टर्नस बने एपल के सीईओ
टर्नस ने 2001 में एक इंजीनियर के तौर पर कंपनी में काम शुरू किया और कंपनी के प्रोडक्ट्स को बनाने वाली हार्डवेयर टीम के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे। इसके बाद अब पूरी कंपनी उनके हाथों में सौंप दी गई है। तमाम रिपोर्ट्स के मुताबिक टर्नस का पैकेज करीब 550 करोड़ रुपये का होगा। हालांकि, टर्नस की दिलचस्पी पैकेज से ज्यादा इस बात में रहेगी कि 4 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप वाली कंपनी को किस तरह आगे बढ़ाएं।
25 साल पहले Apple में शुरू किया था सफर
जॉन टर्नस ने साल 2001 में Apple की प्रोडक्ट डिजाइन टीम से अपना करियर शुरू किया था। यानी उन्होंने कंपनी में उस समय प्रवेश किया जब Apple आज की तुलना में बहुत छोटी कंपनी थी। 2013 में उन्हें हार्डवेयर इंजीनियरिंग का वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया। इसके बाद 2021 में वह Apple की एग्जीक्यूटिव टीम का हिस्सा बने और सीनीयर वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर हार्डवेयर इंजीनियरिंग का नेतृत्व कर रहे थे। CEO बनने से ठीक पहले तक यही उनका पद था।
कितने का है पूरा पैकेज
टिम कुक के बाद Apple ने टर्नस को जिस तरह का पैकेज दिया है, उसने काफी ध्यान खींचा है। अमेरिकी Securities and Exchange Commission (SEC) में दाखिल दस्तावेज के मुताबिक 1 सितंबर, 2026 से टर्नस की सालाना बेस सैलरी 30 लाख डॉलर, यानी करीब ₹28 करोड़ के आसपास तय हुई है। इसके अलावा उन्हें वित्त वर्ष 2027 के लिए 5.5 करोड़ डॉलर के टारगेट वैल्यू वाले इक्विटी रिवार्ड मिलेंंगे। यानी करीब ₹550 करोड़ का आंकड़ा उनके कुल पैकेज का हिस्सा होगा, मंथली सैलरी में शामिल नहीं होगा।
कैसे मिलेगा पूरा पैकेज?
इस इक्विटी अवार्ड का 75% हिस्सा परफॉर्मेंस बेस्ड रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक्स यूनिट के रूप में होगा। इसका मतलब टर्नस को मिलने वाला बड़ा इनाम Apple के प्रदर्शन और शेयरधारकों के रिटर्न से जुड़ा है। बाकी 25% हिस्सा टाइम बेस्ड स्टॉक यूनिट के रूप में मिलेगा, जो चार साल में मिलेंगे।। दूसरे शब्दों में कहें तो Apple ने नए CEO की कमाई को कंपनी के भविष्य से सीधे जोड़ दिया है।
टिम कुक ने छोड़ी कितनी बड़ी Apple?
टिम कुक जब 2011 में Apple के CEO बने थे, तब कंपनी का मार्केट कैप करीब 350 अरब डॉलर था। यह अब बढ़कर करीब 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा रेवेन्यू वित्त वर्ष 2011 के 108 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 416 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया है।
टर्नस के सामने 5 बड़ी चुनौतियां
टर्नस को मजबूत कारोबारी स्थिति वाली कंपनी मिली है, लेकिन चुनौतियां भी छोटी नहीं हैं। सबसे पहली चुनौती है AI है। Apple इस रेस में पिछड़ रहा है। फिलहाल एपल की पूरी ग्रोथ iPhone के इर्दगिर्द है। ऐसे में टर्नस के सामने एक बड़ी चुनौतीअगला बड़ा प्रोडक्ट खड़ा करने की है। इसके अलावा
चीन से जुड़ी सप्लाई चेन की चुनौतियों से भी निपटना होगा। क्योंकि, Apple के लिए China एक बड़ा बाजार होने के साथ ही मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा रेगुलेटरी चुनौतियों से भी निपटना होगा।
