Apple को झटका, 14 अरब डॉलर टैक्स मामले में फिर खुलेगी फाइल !

Apple EU Case: यह मामला तब शुरू हुआ, जब साल 2016 में एंटीट्रस्ट चीफ मार्ग्रेथ वेस्टेगर ने आयरलैंड में एप्पल की कर व्यवस्था की पड़ताल शुरू की। उस वक्त यूरोपीय आयोग ने अपने 2016 के फैसले में कहा कि ऐप्पल को दो दशकों से अधिक समय तक दो टैक्स फैसलों से लाभ हुआ।

Apple EU Case:यूरोपियन यूनियन के साथ 14 अरब डॉलर के टैक्स बिल मामले में Apple को झटका लगा है। असल में निचली अदालत से एप्पल को मिली जीत की अब दोबारा जांच हो सकती है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टॉप EU ट्रिब्यूनल आने वाले महीनों में अपना फैसला जारी कर सकता है। यह मामला तब शुरू हुआ, जब EU की एंटीट्रस्ट चीफ मार्ग्रेथ वेस्टेगर ने साल 2016 में आयरलैंड में एप्पल की टैक्स सिस्टम की पड़ताल शुरू की। इसके बाद एप्पल के दुनियाभर के ऑफिस में इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। असल में टैक्स निष्पक्षता के लिए वेस्टेगर पिछले एक दशक से इस तरह के कैंपेन चला रहा है। उनके इस अभियान ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन और कार कंपनी फिएट पर भी निशाना साधा है।

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एप्पल केस

क्या है मामला

यह मामला तब शुरू हुआ, जब साल 2016 में एंटीट्रस्ट चीफ मार्ग्रेथ वेस्टेगर ने आयरलैंड में एप्पल की कर व्यवस्था की पड़ताल शुरू की। उस वक्त यूरोपीय आयोग ने अपने 2016 के फैसले में कहा कि ऐप्पल को दो दशकों से अधिक समय तक दो टैक्स फैसलों से लाभ हुआ, जिसने 2014 में ऑर्टिशियल तरीके से टैक्स बोझ को कम कर दिया। वेस्टेगर का यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान है।

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