नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार चाहे जितने कड़े नियम क्यों ना बना ले, जालसाज धोखाधड़ी का कोई ना कोई तरीका ढूंढ ही लेते हैं। देश में जैसे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन लगातार बढ़ रहा है, वैसे ही फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कोई बिजनेसमैन हो या आम आदमी, आजकल जालसाज किसी को नगीं छोड़ते। ऐसा ही कुछ हुआ है दिग्गज अभिनेता अनु कपूर (Annu Kapoor) के साथ। हाल ही में मशहूर अभिनेता ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए इसकी जानकारी दी।
अनु कपूर की एक गलती की वजह से उन्हें लग गई 4.36 लाख की चपत
अनु कपूर के साथ कितना और कैसे हुआ फ्रॉड?
साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए अनु कपूर को 4.6 लाख रुपये का चूना लगा है। दरअसल बॉलीवुड एक्टर अनु कपूर को किसी ने प्राइवेट बैंक का कर्मचारी बनकर कॉल किया और इनसे कहा कि उन्हें ग्राहक को जानिए (KYC) फॉर्म अपडेट करना होगा और इसके लिए कुछ जरूरी जानकारी की जरूरत होगी। अभिनेता ने अपनी बैंक की डिटेल्स तो शेयर की ही, साथ ही वन टाइम पासवर्ड यानी OTP भी शेयर कर दिया। इस तरह वे धोखाधड़ी के शिकार हो गए।
पुलिस ने की पूरी मदद
इसके बाद अनु कपूर ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और अभिनेता को 70 फीसदी राशि वापस भी मिल गई। पुलिस कई बैंकों तक पहुंचने में सफल रही और ट्रांसफर किए गए कुल धन में से 3.08 लाख रुपये को फ्रीज कर दिया। बाद में, अभिनेता ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में तेजी से काम करने के लिए पुलिस टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, 'मैं अपने बैंक अकाउंट में धोखाधड़ी के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के लिए ओशिवारा की मुंबई पुलिस, साइबर अपराध शाखा को धन्यवाद और प्रशंसा व्यक्त करता हूं।'
क्या है पूरा मामला? (Annu Kapoor Online Fraud)
यह धोखाधड़ी 29 सितंबर को हुई थी, जब अभिनेता एक शूटिंग के लिए जाने की तैयारी कर रहे थे। उन्हें एक बैंक कर्मचारी कृष्णकुमार रेड्डी के रूप में एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने कपूर से कहा कि उन्हें अपना केवाईसी फॉर्म अपडेट करने की आवश्यकता है। कपूर ने धोखेबाज को अपने एकाउंटेंट से बात करने के लिए कहा, लेकिन रेड्डी ने जवाब दिया कि उन्हें सिर्फ अकाउंट होल्डर से ही बात करनी होगी। रेड्डी ने कूपर से कहा कि अगर उनका केवाईसी प्रोसेस पूरा नहीं होता है तो उनका बैंक अकाउंट निष्क्रिय हो जाएगा। इसके बाद 66 वर्षीय कपूर ने अपने बैंक की जानकारी और वन टाइम पासवर्ड शेयर किया।
हालांकि, बैंक ने तुरंत उन्हें ट्रांजैक्शन के बारे में सूचित करने के लिए फोन किया और बताया कि उनके अकाउंट से छेड़छाड़ की गई है। जालसाज ने अकाउंट से लिंक फोन नंबर को बदल दिया था। पुलिस के अनुसार, कपूर ने बिना देर किए उनसे संपर्क किया और जिन बैंकों में पैसा ट्रांसफर किया गया, उनसे संपर्क किया गया। इस संदर्भ में एक अधिकारी ने टीओआई को बताया कि, 'कम से कम एक अकाउंट जहां पैसा ट्रांसफर किया गया था, वह बिहार के दरभंगा से संचालित किया जा रहा है।' भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
