Reliance Power Q4 Results: रिलायंस पावर लिमिटेड ने शनिवार को मार्च तिमाही के वित्तीय नतीजे पेश कर दिए। कंपनी को मार्च तिमाही में 397.66 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। इसकी मुख्य वजह फ्यूल कंजम्पशन की बढ़ी हुई लागत है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा है कि पिछले वर्ष की समान अवधि में इसे 321.79 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था। हालाँकि कंपनी की कुल आय एक साल पहले के 1,853.32 करोड़ रु से बढ़कर 2,193.85 करोड़ रु हो गई।
रिलायंस पावर को हुआ घाटा
ये भी पढ़ें -
कितनी हो गई फ्यूल कंजम्पशन की कॉस्ट
खर्चों में देखें तो फ्यूल कंजम्पशन की लागत तिमाही के दौरान बढ़कर 953.67 करोड़ रु हो गई, जो 2022-23 में जनवरी-मार्च अवधि में 823.47 करोड़ रु थी। पूरे वित्त वर्ष के लिए देखें तो पूरे वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का घाटा 470.77 करोड़ रु था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 2,068.38 करोड़ रु हो गया।
कर्ज घटा रही रिलायंस पावर
रिलायंस पावर अपना कर्ज कम करने पर फोकस कर रही है। इसकी दो सब्सिडियरी कंपनियों ने ऑथम इन्वेस्टमेंट की यूनिट रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस के साथ 1,023 करोड़ रुपये का कर्ज निपटा दिया है। इसकी दो सब्सिडयरी कलाई पावर प्राइवेट लिमिटेड और रिलायंस क्लीनजेन लिमिटेड ने ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की सब्सिडियरी रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के साथ समझौता किया है।
बेच दिया अपना प्रोजेक्ट
रिलायंस पावर ने महाराष्ट्र में अपना 45 मेगावाट का विंड एनर्जी प्रोजेक्ट जेएसडब्ल्यू रिन्यूएबल एनर्जी को 132 करोड़ रुपये में बेच दिया है। इससे मिली रकम का इस्तेमाल कंपनी ने अपना डेट घटाने में किया है।
