Air India: 12 जून को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद एयर इंडिया की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। DGCA के हालिया ऑडिट में एयर इंडिया के विमानों में 51 सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिनमें से 7 को ‘लेवल-1’ यानी गंभीर श्रेणी में रखा गया है। इन खामियों में कुछ पायलटों के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण का अभाव, अस्वीकृत सिम्युलेटर का उपयोग और खराब रोस्टरिंग सिस्टम जैसी गंभीर खामियां शामिल हैं। नियामक ने एयरलाइन को 30 जुलाई तक सभी प्रमुख खामियों को सुधारने का निर्देश दिया है।
DGCA के हालिया ऑडिट में एयर इंडिया के विमानों में 51 सुरक्षा उल्लंघन पाए गए हैं। (फोटो-istock)
DGCA के ऑडिट में सामने आईं गंभीर गड़बड़ियां
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया के विमानों की गहन सुरक्षा जांच की, जिसमें कुल 51 उल्लंघन मिले। इनमें से 7 खामियों को लेवल-1 की कैटेगरी में रखा गया है, जो सीधे यात्री सुरक्षा पर असर डाल सकती हैं। DGCA ने इन खामियों पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) की 11 पन्नों की गोपनीय ऑडिट रिपोर्ट में सात “लेवल-1” यानी गंभीर उल्लंघन दर्ज किए गए हैं, जिन्हें 30 जुलाई तक ठीक करना अनिवार्य है। इसके अलावा 44 अन्य गैर-अनुपालन मामलों को 23 अगस्त तक सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं।
पीटीआई के अनुसार, ऑडिट रिपोर्ट में बताया गया कि पायलटों और क्रू मेंबर्स के ट्रेनिंग में कमियां थीं। कुछ बोइंग 787 और 777 पायलटों की ट्रेनिंग अधूरी पाई गई, साथ ही क्रू मेंबर्स के आराम और काम के घंटों के नियमों का भी पालन नहीं किया गया। DGCA ने इसे एक गंभीर चूक बताया है जो फ्लाइट ऑपरेशंस की क्वालिटी को प्रभावित कर सकती है।
एयर इंडिया को मिला कारण बताओ नोटिस
DGCA ने एयर इंडिया को बीते सप्ताह ही ड्यूटी नियमों, प्रशिक्षण मानकों और अन्य प्रक्रियात्मक खामियों के चलते कारण बताओ नोटिस भेजा था। 12 जून को हुई विमान दुर्घटना के बाद DGCA एयरलाइन की व्यापक जांच कर रही है और इन खामियों के उजागर होने से कंपनी की जवाबदेही और बढ़ गई है।
एयर इंडिया का जवाब: सुधार के लिए प्रतिबद्ध
एयर इंडिया ने DGCA की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "सभी एयरलाइनें प्रक्रियाओं का परीक्षण और निरंतर सुदृढ़ीकरण करने के लिए नियमित ऑडिट से गुजरती हैं। एयर इंडिया का वार्षिक डीजीसीए ऑडिट जुलाई में हुआ था, जिसके दौरान निरंतर सुधार की भावना से ऑडिटरों के साथ पूरी पारदर्शिता बरती गई। हमें निष्कर्षों की प्राप्ति की सूचना है और हम निर्धारित समय सीमा के भीतर नियामक को अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे, साथ ही किए गए सुधारात्मक उपायों का विवरण भी देंगे। एयर इंडिया अपने यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"
इनपुट- भाषा
