Adani Solar Manufacturing Capacity: अडाणी समूह ऊर्जा बदलाव यानी हरित ऊर्जा कारोबार पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए वर्ष 2027 तक 10 गीगावाट की एकीकृत सौर विनिर्माण क्षमता स्थापित करने में जुटा हुआ है। कंपनी से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। अडाणी समूह की मौजूदा सौर विनिर्माण क्षमता चार गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) की है।
कंपनी को अगले 15 महीनों में 3,000 मेगावाट से अधिक क्षमता के निर्यात ऑर्डर मिले हुए हैं।
15 महीनों में 3,000 मेगावाट से अधिक के ऑर्डर
समूह की सौर ऊर्जा विनिर्माण इकाई अडाणी सोलर से जुड़े सूत्रों ने कहा कि कंपनी को अगले 15 महीनों में 3,000 मेगावाट से अधिक क्षमता के निर्यात ऑर्डर मिले हुए हैं। हाल ही में कंपनी ने बार्कलेज और डॉयचे बैंक से 39.4 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। सौर ऊर्जा उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले सौर पैनल के विनिर्माण से जुड़ी अडाणी सोलर का गठन वर्ष 2015 में किया गया था। इसने उसके अगले साल विनिर्माण शुरू कर दिया था और छह साल से भी कम समय में इसकी क्षमता तिगुनी से भी अधिक होकर चार गीगावाट हो चुकी है।
13,000 रोजगार पैदा होंगे
सूत्रों के मुताबिक, अडाणी सोलर इस समय गुजरात के मुंद्रा में 10 गीगावाट क्षमता की पहली पूर्ण एकीकृत एवं व्यापक सौर विनिर्माण इकाई स्थापित कर रही है। यह समूह की सबसे बड़ी विनिर्माण इकाई होगी और इससे 13,000 रोजगार पैदा होंगे। कंपनी सूत्रों ने कहा कि अडाणी सोलर सौर विनिर्माण के क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकी को अपनाने में आगे रही है और इसने डिजिटल बदलाव को भी अमलीजामा पहनाया है।
सरकार ने उठाए कई कदम
हालांकि कमजोर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम इस यात्रा में एक बड़ी बाधा साबित हुआ। इसे बदलने के लिए सरकार कदम उठाए और एक प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेटिव (PLI) स्कीम शुर की। इस कदम ने अदाणी जैसे प्राइवेट प्लेयर को सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में अपना निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
