8th Pay Commission Update: भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन को मंजूरी दे दी है। जनवरी में इस निर्णय की घोषणा की गई थी, लेकिन आयोग के गठन की प्रक्रिया अभी भी पेंडिंग है। अपस्टॉक्स की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से इस पर कोई निश्चित अपडेट न मिलने के बावजूद, नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्थायी समिति की अगली बैठक 23 अप्रैल 2025 को होने जा रही है।
आठवें वेतन आयोग पर जल्द आ सकता है नया अपडेट (तस्वीर-Canva)
8th Pay Commission: बैठक का एजेंडा और देरी की संभावना
NC-JCM के उप सचिव द्वारा 24 मार्च 2025 को भेजे गए पत्र में स्थायी समिति के सदस्यों और NC-JCM स्टाफ को बैठक के लिए कोई विशिष्ट एजेंडा नहीं दिया गया था। हालांकि, मीडिया रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि केंद्रीय कैबिनेट द्वारा नए वेतन आयोग और उसके सदस्यों की शर्तों पर अंतिम निर्णय चालू महीने में लिया जा सकता है। फिर भी बैठक में थोड़ी देरी होने का संकेत भी दिया गया है।
8th Pay Commission: पिछली बैठक का सार
NC-JCM की स्थायी समिति की पिछली बैठक 10 फरवरी 2025 को हुई थी, जिसमें कर्मचारियों के पक्ष और अन्य सदस्यों ने 8वें सीपीसी के संदर्भ शर्तों पर चर्चा की। कर्मचारियों ने सुझाव दिया कि 8वें वेतन आयोग को केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से संबंधित मुद्दों के अलावा रेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के विशिष्ट मुद्दों पर भी विचार करना चाहिए। इसके अलावा, कर्मचारियों ने न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वेतन आयोग सभ्य और सम्मानजनक जीवन-यापन मजदूरी की सिफारिश कर सके।
8th Pay Commission: कर्मचारी पक्ष की प्रमुख मांगें
कर्मचारी पक्ष ने माता-पिता और सीनियर सिटिजन्स के रखरखाव और कल्याण अधिनियम 2022 के तहत वयस्क बच्चों की कानूनी जिम्मेदारी पर विचार करते हुए परिवार इकाइयों की संरचना को 3 की जगह 5 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। यह कदम जीवन की आवश्यकताओं और पोषण स्तर को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना था कि वेतन आयोग को इन पहलुओं को शामिल करना चाहिए ताकि वेतन और भत्ते वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के अनुरूप हों।
8th Pay Commission: आगे का रास्ता
अभी तक NC-JCM की स्थायी समिति 8वें वेतन आयोग के संदर्भ की शर्तों पर सहमति नहीं बना पाई है। एक बार जब यह शर्तें अंतिम रूप में तय हो जाती हैं, तो उन्हें केंद्रीय कैबिनेट के पास समीक्षा के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद आयोग के गठन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार का हिस्सा बनेगा।
निर्मला सीतारमण का बयान
इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में यह भी कहा कि उनकी सरकार ने पहली बार 7वें केंद्रीय वेतन आयोग से पहले और बाद के पेंशनभोगियों के बीच पूरी समानता लागू की है। अब सभी पेंशनभोगी, जो 1 जनवरी 2016 से पहले रिटायर हुए थे, 1 जनवरी 2016 के बाद रिटायर हुए कर्मचारियों के समान पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। यह कदम सरकार द्वारा पेंशनभोगियों के हितों को लेकर की गई एक महत्वपूर्ण पहल को दर्शाता है।
