8वां वेतन आयोग: कर्मचारी यूनियनें चाहती हैं 3.61 से 4.00 फिटमेंट फैक्टर, इससे कितनी हो जाएगी बेसिक सैलरी

8th Pay Commission Basic Salary: कर्मचारी यूनियनें 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों का बेसिक पे तय करने के लिए 3.61 से 4.00 के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही है, जिससे न्यूनतम मूल वेतन 65,000 से 72,000 रुपये तक हो सकता है।

8th Pay Commission Basic Salary : केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें बेहद अहम होने वाली हैं। न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 3-सदस्यीय पैनल के पास अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय है, जिसमें से 12 महीने से अधिक का समय बीत चुका है। आयोग को वेतन संशोधन, भत्ते, पेंशन सुधार और सबसे महत्वपूर्ण यानी फिटमेंट फैक्टर पर निर्णय लेना है। यही फिटमेंट फैक्टर तय करेगा कि भविष्य में सरकारी कर्मचारियों का मूल वेतन (Basic Pay) और पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन कितनी होगी।

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8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ सकती है सैलरी

क्या है फिटमेंट फैक्टर और इसका गणित?

फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणांक होता है, जिसके आधार पर पुराने वेतन आयोग के मूल वेतन को नए वेतन आयोग की दरों में बदला जाता है। इसका सीधा फॉर्मूला होता है, नया बेसिक पे = वर्तमान बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर। उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग में सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था। इससे 6ठा वेतन आयोग का 7,000 रुपये का न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर 18,000 रुपये (7000 × 2.57 = 17,990, जिसे राउंड ऑफ करके 18,000 किया गया) हो गया था। इस बार कर्मचारी यूनियनें मांग कर रही हैं कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.61 से 4.00 के बीच रखा जाए।

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