7th Pay Commission: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) यानी DA को 4% बढ़ाकर 50% करने के निर्णय के परिणामस्वरूप रिटायरमेंट ग्रेच्युटी समेत अन्य भत्तों में पर्याप्त संशोधन किया है। जो सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ा वरदान है। रिटायरमेंट ग्रेच्युटी (Retirement Gratuity) और मृत्यु ग्रेच्युटी (Death Gratuity) की अधिकतम सीमा 1 जनवरी 2024 से 25% बढ़ाकर 20 लाख रुपए से 25 लाख रुपए की गई है।
रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी बढ़ी
बढ़ी रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी की राशि
ईटी के मुताबिक 30 मई 2024 के ऑफिस मेमोरेंडम (OM)में सातवें सीपीसी की सिफारिशों के कार्यान्वयन में सरकार के फैसलों के अनुसार केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2021 या केंद्रीय सिविल सेवा (नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत ग्रेच्युटी का भुगतान) नियम 2021 के तहत रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 1 जनवरी 2024 से 25% यानी 20.00 लाख रुपए से बढ़ाकर 25.00 लाख रुपए की जाएगी। इससे पहले ऐसी ही घोषणा 30 अप्रैल, 2024 को की गई थी लेकिन 7 मई को निम्नलिखित बयान के साथ रोक दी गई थी।
रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी पर प्रारंभिक आदेश
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के दिनांक 30 अप्रैल 2024 के ऑफिस ऑर्डर के मुताबिक पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी ऑफिस मेमोरेंडम के मुताबिक जब भी महंगाई भत्ता मूल वेतन का 50% बढ़ेगा, रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में 25% की वृद्धि की जाएगी। उसके अनुसार केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को देय महंगाई भत्ते को मूल वेतन के 50% तक संशोधित करने के कारण रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा मौजूदा 20 लाख रुपए से 25% बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी जाएगी।
डीए में 50% की बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 4% की बढ़ोतरी की। इससे लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी राहत थी। डीए में 50% की इस बढ़ोतरी के चलते केंद्र सरकार के कर्मचारी के वेतन के विभिन्न घटकों में भी वृद्धि हुई।
ग्रेच्युटी क्या है?
ग्रेच्युटी एक डिफाइंड बेनिफिट प्लान है जो नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को 5 साल या उससे अधिक समय तक लगातार सेवा देने के लिए दी जाती है। ग्रेच्युटी भुगतान एक्ट 1972 के अनुसार कोई कर्मचारी ग्रेच्युटी प्राप्त कर सकता है अगर उसने किसी संगठन या कंपनी के साथ कम से कम 5 साल तक लगातार सेवा की हो। यह ग्रेच्युटी कर्मचारी को उस समय मिलेगी जब वह रिटायर हो जाएगा या नौकरी छोड़ देगा।
