Nithin Kamath on Startup Funding : स्टार्टअप के लिए फंडिंग के लिहाज से चुनौतियों भरा समय चल रहा है। इस समय फंडिंग का अभाव है। ऐसा ब्रोकरेज फर्म जेरोधा के फाउंडर नितिन कामत का मानना है। उन्होंने ट्वीट की एक सीरीज में कहा कि मुझे लगता है ऐसे में बिजनेस क्विट करने वाले फाउंडर्स और लीडर्स, खास कर देर से शुरू होने वाले स्टार्टअप, की संख्या में इजाफा होगा, जिससे बिजनेसों के लिए फंडिंग के इस ठंडे माहौल से बचना मुश्किल हो जाएगा।
नितिन कामत ने शेयर किए बिजनेस टिप्स
क्यों आ सकती है ऐसी नौबत
फोर्ब्स की हाल में ही आई अमीरों की लिस्ट के अनुसार 43 वर्षीय कामत की नेटवर्थ 2.7 अरब डॉलर है, जो भारतीय रु में 22116 करोड़ बनते हैं। कामत के अनुसार फंडिंग में कमी के पीछे का मुख्य कारण लिक्विडेशन प्रैफेरेंसेज और वैल्यूएशन और बिजनेस फंडामेंटल के बीच तालमेल का न होना है।
कामत का मानना है कि लिक्विडेशन प्रैफेरेंसेज ट्रे़ड-ऑफ निवेशकों पर भी लागू होता है। उन्होंने ट्वीट में कहा है कि नए निवेशकों को सबसे ज्यादा तरजीह मिलेगी।
I think the number of founders and leaders, especially at late-stage startups quitting will only increase, making i… t.co/IbbNH8KSTS
— ANI (@ANI) Apr 25, 2023
निवेशकों को मिलेगी सीख
कामत के अनुसार संभव है कि फंडिंग का मौजूदा ठंडा माहौल निवेशकों को ये सिखाए कि भारत में बिजनेसों को अलग तरह से स्थापित किया जाना चाहिए, जहां प्रैफेरेंस इंश्यूज को दूर करने के लिए मर्जर एंड एक्विजिशंस (एमएंडए) और आईपीओ लाना आसान नहीं हैं।
हाई वैल्यूएशन पर पैसा जुटाना हमेशा ठीक नहीं
कामत के मुताबिक हाई वैल्यूएशन पर ढेर सारा पैसा जुटाना हमेशा अच्छा नहीं होता। यह निवेशकों के लिए हो बेहतर सकता है जो निवेश को मार्क-अप (किसी चीज की कीमत और लागत का अंतर) करें और अपने फंड के परफॉर्मेंस को बेहतर बनाएं। लेकिन फाउंडर्स और टीमों के लिए ये ठीक नहीं हो सकता, जिनकी इक्विटी हर नए राउंड के साथ प्रेफेरेंस इश्यू के कारण वैल्यू खोती रहेगी।
इस बात पर करते हैं गर्व
कामत के मुताबिक जब ग्रोथ फ्लैट, या स्टार्टअप्स के हाई वैल्यूएशन पर नई फंडिंग जुटाना कठिन हो जाता है, तो निवेश लोन की तरह हो जाता है। नितिन कामथ वेंचर कैपिटलिस्ट्स से बहुत कम या बिना किसी बाहरी निवेश के जेरोधा को छोटी सी शुरुआत से एक ऊंचे मुकाम तक ले जाने पर गर्व महसूस करते हैं।
जेरोधा, जिसने भारतीय ब्रोकिंग बिजनेस में किसी भी अन्य कंपनी के मुकाबले ज्यादा तहलका मचाया है, पूरी तरह से बूटस्ट्रैप्ड है।
बूटस्ट्रैप्ड यानी परिवार या दोस्तों से उधार या इंवेस्टेड फंड्स सहित केवल पर्सनल सेविंग्स के साथ कंपनी शुरू करने की प्रोसेस।
