24 Karat Gold Coin vs 22 Karat Gold Coin : गोल्ड कॉइन खरीदना अब केवल चमक-धमक तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह एक कम जोखिम वाला निवेश विकल्प बन चुका है जो अच्छा रिटर्न भी देता है। जैसे-जैसे 24 कैरेट गोल्ड महंगा होता गया, समय के साथ 22 कैरेट गोल्ड कॉइन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह खरीदने और रखने के लिए सबसे बेहतरीन धातुओं में से एक बन गई है। ऑनलाइन गोल्ड कॉइन खरीदने से आपको ढेरों डिजाइनों, आकारों और वैरायटी में से चुनने की आजादी मिलती है। लेकिन अगर आप गिफ्ट देने या खुद के लिए निवेश करने के उद्देश्य से गोल्ड कॉइन चुनने में असमर्थ हैं, तो आप शायद सोच रहे होंगे कि आखिर 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड कॉइन में अंतर क्या है? चलिए इसे समझते हैं।
गोल्ड कॉइन पहचानने के तरीके (तस्वीर-istock)
कैरेट का अर्थ क्या है: 22 कैरेट और 24 कैरेट में अंतर
गोल्ड की शुद्धता को कैरेट (Karat या Carat) के पैमाने पर मापा जाता है, जो 0 से 24 तक होता है। शुद्ध सोना अपने आप में बहुत मुलायम होता है, इसलिए इसे मजबूती देने के लिए इसमें तांबा (Copper), चांदी (Silver), जस्ता (Zinc) जैसे धातु मिलाए जाते हैं। 22 कैरेट गोल्ड कॉइन में 22 भाग सोना और 2 भाग अन्य धातुएं होती हैं। इसकी मजबूती अधिक होती है, जिससे यह रोजमर्रा के इस्तेमाल और निवेश के लिए उपयुक्त बनता है।वहीं, 24 कैरेट गोल्ड कॉइन में पूरे 24 भाग सोना होता है, यानी यह करीब-करीब पूरी तरह शुद्ध होता है। इसकी चमक और रंग अधिक होता है, लेकिन यह थोड़ा नरम होता है।
शुद्धता का एक और मापदंड: फाइननेस
कैरेट के अलावा, फाइननेस (Fineness) भी एक मानक है जिससे सोने की शुद्धता मापी जाती है। 22 कैरेट गोल्ड की फाइननेस 91.67% होती है। 24 कैरेट गोल्ड की फाइननेस 99.9% होती है। स्वाभाविक है कि 24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध होता है और इसी कारण इसकी कीमत भी अधिक होती है। लेकिन 22 कैरेट गोल्ड कॉइन की कीमत भी इसके वजन, डिजाइन और साइज पर निर्भर करती है।
हॉलमार्क जरूर चेक करें, शुद्धता की गारंटी
गोल्ड कॉइन खरीदते समय केवल शुद्धता देखना ही नहीं, बल्कि हॉलमार्क देखना भी बेहद जरूरी है। भारत में BIS (Bureau of Indian Standards) एकमात्र आधिकारिक संस्था है जो सोने की शुद्धता की गारंटी देती है। हर 22 और 24 कैरेट गोल्ड कॉइन पर हॉलमार्क स्टैंप या लेजर एचिंग होती है, जिसमें निम्नलिखित चीजें होती हैं। सोने की शुद्धता का ग्रेड (22K या 24K), BIS का लोगो, हॉलमार्किंग का वर्ष। इस स्टैम्प से यह सुनिश्चित होता है कि गोल्ड कॉइन की गुणवत्ता असली है और निर्माता के दावे सही हैं।
