Railway Staff Bonus : रेलवे कर्मचारियों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को लेकर एक नई मांग सामने आई है। इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर एसोसिएशन (IRTSA) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि गैर-राजपत्रित लेवल-1 कर्मचारियों के लिए बोनस की गणना की वेतन सीमा बढ़ाकर ₹18,000 प्लस डियरनेस अलाउंस (DA) की जाए। वहीं, लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए भी वेतन स्तर के हिसाब से अलग और ज्यादा सीमा तय करने की मांग की गई है।
रेलवे कर्मचारियों को मिल सकता है दिवाली गिफ्ट
IRTSA ने यह मांग 8 सितंबर, 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे पत्र में की है। संगठन के मुताबिक मौजूदा ₹7,000 की PLB वेतन सीमा साल 2014-15 में तय की गई थी। तब से 7th Pay Commission लागू हो चुका है और कर्मचारियों का DA भी काफी बढ़ चुका है। ऐसे में संगठन का कहना है कि मौजूदा सीमा आज की सैलरी संरचना से मेल नहीं खाती।
रेलवे कर्मचारियों को अभी कितना PLB मिलता है?
रेलवे कर्मचारियों के मामले में PLB आम केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों से अलग तरीके से दिया जाता है। रेलवे के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के लिए बोनस 78 दिनों के वेतन के आधार पर तय होता है। IRTSA का कहना है कि अभी रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाला PLB करीब ₹17,951 है। संगठन के मुताबिक अगर मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 को 78 दिनों के हिसाब से लिया जाए तो PLB करीब ₹46,184 बनता है। यानी संगठन की मांग स्वीकार होने पर न्यूनतम स्तर के रेलवे कर्मचारी के बोनस में मौजूदा रकम के मुकाबले करीब ₹28,233 का अंतर बन सकता है। हालांकि वास्तविक भुगतान कर्मचारी की पात्रता और लागू सरकारी आदेशों के मुताबिक होगा।
DA जोड़ने पर भी बड़ा फर्क
IRTSA ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि साल 2014-15 से PLB की गणना में इस्तेमाल होने वाली ₹7,000 की सीमा को प्रभावी रूप से नहीं बढ़ाया गया। संगठन के मुताबिक उस समय के आधार और आज के 60% DA को ध्यान में रखा जाए, तो यह रकम करीब ₹27,824 होनी चाहिए थी। संगठन का तर्क है कि इसके ऊपर 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की बदली हुई वेतन संरचना को भी देखा जाना चाहिए। इसी वजह से लेवल-1 कर्मचारियों के लिए ₹18,000 + DA की सीमा की मांग की गई है।
12 लाख रेलवे कर्मचारियों को फायदा?
ET Wealth Online की रिपोर्ट के मुताबिक IRTSA के सेक्रेटरी जनरल केवी रमेश का कहना है कि अगर PLB की सीमा बढ़ाने की मांग मान ली जाती है, तो करीब 12 लाख रेलवे कर्मचारियों को इसका फायदा हो सकता है। यह मांग ऐसे समय आई है, जब केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के एक बड़े संगठन नेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने भी पिछले महीने PLB की वेतन सीमा बढ़ाने की मांग की थी। NC-JCM ने सभी गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के लिए बोनस की सीमा ₹7,000 से बढ़ाकर ₹21,000 करने का प्रस्ताव रखा है। यानी रेलवे कर्मचारियों के बोनस को लेकर अब दो स्तर पर दबाव दिखाई दे रहा है।
बाकी केंद्रीय कर्मचारियों का बोनस कितना?
गैर-राजपत्रित ग्रुप C और B कर्मचारियों को आम तौर पर दशहरा के मौके पर PLB दिया जाता है। फिलहाल ₹7,000 की वेतन सीमा के आधार पर अधिकतर पात्र केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 30 दिनों का बोनस करीब ₹6,908 बैठता है। रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों की गणना होने के कारण उनकी PLB रकम पहले से ही दूसरे केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में ज्यादा है।
रेलवे का प्रदर्शन भी बना आधार
IRTSA ने सिर्फ वेतन और DA को ही आधार नहीं बनाया है। संगठन ने रेलवे के आउटपुट-इनपुट रेश्यो में हुए बदलाव का भी हवाला दिया है। पत्र के मुताबिक 2014-15 से 2024-25 के बीच रेलवे के फ्रेट में नेट टन किलोमीटर करीब 42.32% बढ़कर 6,82,612 मिलियन से 9,71,460 मिलियन हो गए। वहीं, इसी अवधि में कर्मचारियों की संख्या 7.32% घटकर 13.26 लाख से 12.99 लाख रह गई।
संगठन का दावा है कि इस अवधि में फ्रेट आउटपुट और नॉन-गजटेड स्टाफ स्ट्रेंथ के आधार पर आउटपुट इनपुट रेश्यो करीब 53.55% बढ़ा। ऐसे में उसका तर्क है कि कर्मचारियों को मिलने वाले PLB में भी इस बढ़ी हुई प्रोडक्टिविटी का लाभ मिलना चाहिए।
