LPG Gas Cylinder E-kyc Deadline : गैस सिलेंडर के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक e-KYC पूरा करने की तय समयसीमा 31 अगस्त 2026 को खत्म हो गई है। समयसीमा खत्म होने तक करीब 12 लाख ग्राहकों ने e-KYC नहीं की है।अब सबसे बड़ा सवाल उन LPG ग्राहकों के सामने है जिन्होंने अभी तक अपना e-KYC पूरा नहीं कराया है। क्या उनका गैस कनेक्शन बंद होगा? क्या सिलेंडर की बुकिंग रुक सकती है? क्या सब्सिडी मिलना बंद हो जाएगा? और क्या उन्हें सामान्य घरेलू कीमत के बजाय ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी?
E KYC की डेडलाइन से लगा झटका
क्या डेडलाइन बढ़ी?
1 September तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक e-KYC की डेडलाइन बढ़ाने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ था। इंडेन के एक अधिकारी ने कहा था कि फिलहाल समयसीमा 31 अगस्त ही है और आगे बढ़ाने का फैसला राष्ट्रीय स्तर पर लिया जाएगा। LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन की ओर से भी कहा गया था कि इस पर पेट्रोलियम मंत्रालय को फैसला लेना है। इससे साफ है कि फिलहाल उन ग्राहकों को यह मानकर चलना चाहिए कि 31 अगस्त अंतिम तय तारीख थी, जब तक तेल कंपनियां या सरकार आगे कोई नई सूचना जारी नहीं करती।
e-KYC नहीं कराया तो क्या होगा?
सबसे पहले असर LPG से मिलने वाले सरकारी लाभ पर पड़ सकता है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक e-KYC पूरा नहीं करने वाले ग्राहकों को सब्सिडी वाले LPG लाभ में परेशानी आ सकती है और PMUY यानी उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों का DBT भुगतान e-KYC पूरा होने तक रुक सकता है।
सामान्य घरेलू LPG ग्राहकों को भी आगे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने संकेत दिया था कि e-KYC पूरा नहीं करने वाले ग्राहकों को घरेलू दर पर सिलेंडर मिलने में दिक्कत हो सकती है और भविष्य में ज्यादा कीमत लागू होने की स्थिति बन सकती है।
कीमत पर कितना असर पड़ सकता है?
PMUY लाभार्थियों के लिए सब्सिडी का लाभ भी e-KYC से जुड़ा हुआ है। इसलिए उज्ज्वला ग्राहक अपने e-KYC का स्टेटस जरूर जांचें। जिन ग्राहकों का e-KYC अभी बाकी है, वे आगे भी अपनी LPG कंपनी के उपलब्ध डिजिटल माध्यम या LPG डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश कर सकते हैं।
इंडेन गैस: इंडियनऑयल वन ऐप और आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
भारत गैस: हेलो बीपीसीएल ऐप के जरिए e-KYC विकल्प उपलब्ध है।
एचपी गैस: एचपी पे ऐप के LPG सेक्शन से e-KYC की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
आमतौर पर ग्राहक को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होता है, OTP से मोबाइल सत्यापित करना होता है और फिर आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करना होता है।
e-KYC में क्या-क्या करना होगा?
सबसे पहले अपनी LPG कंपनी का संबंधित ऐप खोलें और अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। इसके बाद LPG कनेक्शन को अपने अकाउंट से लिंक करें। इंडेन ग्राहकों को अपनी LPG ID की जरूरत पड़ सकती है, जबकि भारत गैस और एचपी गैस के ऐप में e-KYC विकल्प सीधे उपलब्ध है। इसके बाद e-KYC विकल्प पर जाकर आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के लिए सहमति दें। आधार फेस आरडी ऐप के जरिए फेस स्कैन पूरा करें और स्क्रीन पर दिए निर्देशों का पालन करें। अगर ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आती है, तो ग्राहक अपने LPG डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर सकते हैं।
12 लाख LPG ग्राहकों के लिए अब क्या जरूरी?
31 अगस्त की डेडलाइन खत्म हो चुकी है, इसलिए जिन ग्राहकों ने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, उन्हें सबसे पहले अपनी LPG कंपनी से अपने कनेक्शन का मौजूदा स्टेटस चेक करना चाहिए। किसी भी तरह की बुकिंग, सब्सिडी या कनेक्शन से जुड़ी समस्या आने पर डिस्ट्रीब्यूटर या संबंधित तेल कंपनी से पुष्टि करनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में e-KYC लंबित ग्राहकों पर संभावित असर की बात कही गई है, लेकिन हर ग्राहक का कनेक्शन तुरंत बंद होने या सभी ग्राहकों को कमर्शियल रेट पर सिलेंडर मिलने की कोई स्पष्ट राष्ट्रीय अधिसूचना उपलब्ध नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी सूचना पर भरोसा करने के बजाय इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस से स्थिति की पुष्टि करना बेहतर है।
