Times Drive Auto Summit & Awards 2025: टाइम्स नाउ के कार्यक्रम टाइम्स ड्राइव ऑटो समिट एंड अवॉर्ड 2025 में मंगलवार को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहुंचे और पराली की समस्या पर बात करते हुए बताया कि किस तरह से इसे फायदेमंद तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। गडकरी ने कहा, 220 लाख टन पराली पंजाब, हरियाणा और यूपी से जलाया जाता है। इसे लेकर इंडियन ऑयल ने पानीपत में एक लाख लीटर बायो एथेनाल, 150 सौ बायो बिटुमिन, और करीब 78 हजार टन प्रति वर्ष सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, ऐसा प्रोजेक्ट बनाया है।
नितिन गडकरी
पंजाब-हरियाणा सहित देश में 500 प्रोजेक्ट पर काम शुरू
शुरुआती में मशीनों की थोड़ी परेशानी थी, इसमें जो बिटुमिन तैयार होता है, जो बायो प्रोडक्ट तैयार होता है, वो है लिगनेंट। पंजाब-हरियाणा और देश में 500 प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। मैं उस एसोसिएशन का अध्यक्ष हूं। इनमें से 60 शुरू हो चुके हैं, वो पहले से ही पराली से बायो-सीएनजी बनाते हैं। उसमें से 35 परसेंट लिगनेंट निकलता है। हमने लिगनेंट में बिटुमिन को मिलाकर नागपुर-जबलपुर रोड पर एक किलोमीटर लंबा हाइवे बनाया और टेस्टिंग करके पता चला कि पेट्रोलियम बिटुमिन से ये 50 फीसदी ज्यादा अच्छा है।
पराली का भाव बढ़ा, फायदा ही फायदा
हमारे देश में 90 लाख टन बिटुमिन इंपोर्ट होता है, हमारे रिफायनरी की कैपेसिटी 45 से 50 लाख टन है, तो हमने तय किया है कि बिटुमिन में 35 फीसदी लिगनेंट निकलता है जो सीएनजी तैयार करता है, उसका स्टैंडर्ड फिक्स करके उसे मिलाएं। जो खराब टायर हैं उसका पाउडर तैयार करें, उसमें 5-7 फीसदी प्लास्टिक डालें, तो हमारा बिटुमिन का आयात करीब 15 लाख टन कम हो जाएगा। जो पराली हम जलाते थे उसका भाव अभी 2200-2500 हजार टन हुआ है। किसानों को भी पैसे मिलेंगे, और पराली से वेस्ट टू वेल्थ का कॉन्सेप्ट पूरा होगा। अब एविएशन फ्यूल भी ज्यादा दूर नहीं है।
