आइशर मोटर्स के स्वामित्व वाली मोटरसाइकिल विनिर्माता कंपनी रॉयल एनफील्ड तिरुपति जिले के सत्यवेदु में एक विनिर्माण इकाई और ’वेंडर पार्क’ स्थापित करने के लिए 2,200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कंपनी का तमिलनाडु के बाहर पहला बड़ा विस्तार है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाले राज्य निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एसआईपीबी) द्वारा अनुमोदित इस परियोजना से आंध्र प्रदेश के वाहन विनिर्माण परिवेश को मजबूती मिलने और लगभग 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
परियोजना का पहला चरण 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है।(फोटो क्रेडिट-iStock)
बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि Royal Enfield ने आंध्र प्रदेश में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग इकाई लगाने के लिए 2,200 करोड़ रुपये निवेश करने का फैसला किया है। सरकार ने कहा कि यह फैसला दिखाता है कि राज्य में उद्योगों के लिए अच्छा माहौल, मजबूत बुनियादी सुविधाएं और निवेशकों को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां मौजूद हैं। आसान शब्दों में कहें तो आंध्र प्रदेश अब बड़े निवेश और नए उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक राज्य बनता जा रहा है।
परियोजना के लिए जमीन आवंटित हुई
राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु सीमा के पास सत्यवेदु मंडल के वनल्लुरु और रल्लाकुप्पम गांव में परियोजना के लिए भूमि आवंटित की है। इस संयंत्र से रॉयल एनफील्ड की उत्पादन क्षमता में लगभग नौ लाख इकाई की वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे प्रीमियम मोटरसाइकिल विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में भी भारत की स्थिति मजबूत होगी।
विनिर्माण इकाई के अलावा, इस परियोजना में एक प्रतिबद्ध वेंडर पार्क भी शामिल होगा, जिसका उद्देश्य कंपनी के आपूर्तिकर्ता तंत्र को आंध्र प्रदेश में लाना और वाहन विनिर्माण संकुल के विकास को गति देना है। परियोजना का पहला चरण 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि दूसरा चरण 2032 तक पूरा होने की उम्मीद है।
इस बीच, आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के समर्थन और नीति-आधारित औद्योगिक विकास के माध्यम से परिवहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
(इनपुट- भाषा)
