Siddhartha Lal Motivational Quotes: आज रॉयल एनफील्ड का नाम हर जुबान पर है और पुराने समय में भी इस मोटरसाइकिल की बात ही जुदा थी। लेकिन पुराने और नए समय के बीच कंपनी बंद भी हो चुका थी, और जिसने इसे वापस इस कदर पॉपुलर बनाया उनमें कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ लाल का नाम भी सबसे अहम है। 1999 में इन्होंने अपने पिता विक्रम लाल की कंपनी रॉयल एनफील्ड जॉइन की थी और यहीं से उन्होंने इस कंपनी का हुलिया ही बदल दिया। आज हम यहां उनकी कही प्रेरणादायक बातें आपको बता रहे हैं।
1999 में इन्होंने अपने पिता विक्रम लाल की कंपनी रॉयल एनफील्ड जॉइन की थी।
26 साल में बने कंपनी के सीईओ
1999 में रॉयल एनफील्ड जॉइन करने के बाद साल 2000 में सिद्धार्थ लाल को कंपनी का सीईओ बना दिया गया। इसके बाद इन्होंने लगातार कड़ी मेहनत से रॉयल एनफील्ड को दोबारा ग्राहकों का चहेता ब्रांड बना डाला।
पिता की तरह दून स्कूल में पढ़ें
विक्रम लाल की तरह सिद्धार्थ का प्राइमरी एजुकेशन भी दून स्कूल से ही पूरा हुआ है। इन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफन्स कॉलेज से 1994 में ग्रेजुएशन पूरा किया और इंग्लैंड के क्रैनफील्ड से इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की।
ऑटोमोटिव इंजीनियर भी हैं सिद्धार्थ
इंग्लैंड से ही सिद्धार्थ लाल ने ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री की है। गाड़ियों में सिद्धार्थ की खासी दिलचस्पी है और वो रॉयल एनफील्ड के साथ-साथ आयशर के बाकी प्रोडक्ट्स के लिए भी उतने ही प्रतिबद्ध हैं।
इस पद के लिए किए गए नॉमिनेट
पर्सनल ट्रांसपोर्टेशन और सस्टेनेबिलिटी में अपने प्रयासों के चलते वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पर्सनल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम के लिए ग्लोबल एजेंडा काउंसिल ने उन्हें नॉमिनेट किया था।
करते हैं युवाओं को प्रेरित
2006 में रॉयल एनफील्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर बने सिद्धार्थ लाल अक्सर युवाओं को प्रेरित करते रहते हैं। उनकी कही ये मोटिवेशनल बातें अगर आप अपने जीवन में उतार लें तो सफल होने से आपको कोई नहीं रोक सकता।
