Royal Enfield अपनी पॉपुलर बाइक Royal Enfield Classic 350 के नए E85 वर्जन पर काम कर रही है, जो भारत में फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस नए मॉडल की सबसे बड़ी खासियत होगी कि यह पेट्रोल के साथ 85% तक इथेनॉल मिश्रित ईंधन (E85) पर भी चल सकेगी।
Royal Enfield Classic 350 E85 (Photo: Royal Enfield)
बाइक के इंजन और फ्यूल सिस्टम पर कंपनी का ध्यान
अगर आप बाइक के डिजाइन, लुक और पोजिशनिंग में बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं तो बहुत हद तक ऐसा नहीं होगा। दरअसल, कंपनी का मेन फोकस इस बाइक के इंजन और फ्यूल सिस्टम को अपडेट करने पर रहेगा, ताकि यह इथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन के साथ बेहतर तरीके से काम कर सके। सरकार के बढ़ते इथेनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्यों को देखते हुए यह कदम भविष्य की जरूरतों के अनुरूप माना जा रहा है।
Royal Enfield Classic 350 E85 (Photo: Royal Enfield)
इंजन की बात करें तो Classic 350 E85 में वही 349cc का सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलने की उम्मीद है, जो मौजूदा मॉडल में दिया जाता है। यह इंजन लगभग 20 bhp की पावर और 27 Nm का टॉर्क देता है। हालांकि, E85 फ्यूल के साथ काम करने के लिए इसमें कुछ तकनीकी बदलाव किए जाएंगे। जैसे फ्यूल इंजेक्शन मैपिंग को नया रूप दिया जाएगा और ऐसे मटेरियल का इस्तेमाल होगा, जो इथेनॉल के प्रभाव को सहन कर सके।
इंजन के इग्निशन टाइमिंग और एयर-फ्यूल रेश्यो में होगा बदलाव
इथेनॉल पेट्रोल से अलग तरीके से जलता है, इसलिए इंजन के इग्निशन टाइमिंग और एयर-फ्यूल रेश्यो में भी बदलाव किया जा सकता है। इन बदलावों के साथ Royal Enfield बाइक का प्रदर्शन लगभग पहले जैसा ही बरकरार रखना चाहता है। साथ ही, कंपनी की कोशिश है कि अलग-अलग फ्यूल मिश्रण पर भी इंजन भरोसेमंद तरीके से काम करे। हालांकि, पावर बढ़ने की कोई खास संभावना नहीं है, क्योंकि कंपनी का ध्यान परफॉर्मेंस बढ़ाने के बजाय फ्यूल कंपैटिबिलिटी पर है।
फ्लेक्स-फ्यूल बाइक की कीमत कितनी हो सकती है
कीमत की बात करें तो Classic 350 E85 की कीमत मौजूदा मॉडल से थोड़ी ज्यादा हो सकती है, जो अभी करीब 1,82,658 रुपये से 2,17,585 रुपये (एक्स-शोरूम) कीमत पर उपलब्ध है। कीमत में बढ़ोतरी का कारण अतिरिक्त हार्डवेयर और तकनीक होगी, जो फ्लेक्स-फ्यूल ऑपरेशन के लिए जरूरी है।
माइलेज को लेकर हो सकता है कुछ अंतर
माइलेज के मामले में थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इथेनॉल की ऊर्जा घनत्व (energy density) पेट्रोल से कम होती है, जिससे किलोमीटर प्रति लीटर (kmpl) के हिसाब से माइलेज कम हो सकता है। लेकिन चूंकि इथेनॉल आमतौर पर सस्ता होता है, इसलिए कुल रनिंग कॉस्ट कम हो सकती है। यानी माइलेज से ज्यादा ध्यान प्रति किलोमीटर खर्च पर जाएगा।
भविष्य के ईंधन विकल्पों की दिशा में एक बड़ा कदम
रियल वर्ल्ड की बात करें तो इसका असर काफी हद तक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करेगा। फिलहाल E85 फ्यूल की उपलब्धता सीमित है, इसलिए हर जगह इसका फायदा मिलना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, जैसे-जैसे देश में इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस तरह की बाइक ज्यादा प्रैक्टिकल होती जाएंगी। Royal Enfield Classic 350 E85 सिर्फ एक नई बाइक नहीं, बल्कि भविष्य के ईंधन विकल्पों की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह बदलाव तुरंत बड़ा असर नहीं दिखाएगा, लेकिन आने वाले वर्षों में भारत में वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
