मारुति सुजुकी ने रचा इतिहास, गुजरात प्लांट को मिला दुनिया की पहली 'मोडल शिफ्ट' परियोजना का खिताब

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड का कहना है कि सड़क मार्ग से रेल मार्ग की ओर वाहन आपूर्ति (डिस्पैच) स्थानांतरित करने से इस परियोजना के वित्त वर्ष 2023-24 से 2032-33 तक 10 वर्ष की अवधि में करीब 1.7 लाख कार्बन ’क्रेडिट’ अर्जित करने की उम्मीद है।

Maruti Suzuki Gujarat Plant: देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि उसकी गुजरात ’इन-प्लांट रेलवे साइडिंग’ को ’वेरा’ की वेरिफाइड कार्बन स्टैंडर्ड (वीसीएस) पहल के तहत दुनिया की पहली ’मोडल शिफ्ट’ परिवहन परियोजना के रूप में मान्यता मिली है। ’मोडल शिफ्ट’ से मतलब वाहनों की आपूर्ति के लिए एक परिवहन माध्यम से दूसरे परिवहन पर स्थानांतरित करना है। वाहन विनिर्माता कंपनी मारुति ने गुजरात यूनिट के अंदर इन-प्लांट रेलवे साइडिंग के जरिये वाहनों की आपूर्ति शुरू की है।

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मारुति सुजुकी ने रचा इतिहास (Photo: iStock)

10 वर्ष में करीब 1.7 लाख कार्बन ’क्रेडिट’ अर्जित करने की उम्मीद

भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का कहना है कि सड़क मार्ग से रेल मार्ग की ओर वाहन आपूर्ति (डिस्पैच) स्थानांतरित करने से इस परियोजना के वित्त वर्ष 2023-24 से 2032-33 तक 10 वर्ष की अवधि में करीब 1.7 लाख कार्बन ’क्रेडिट’ अर्जित करने की उम्मीद है। कार्बन उत्सर्जन में बचत के स्वतंत्र सत्यापन के बाद ’वेरा’ अपने वेरिफाइड कार्बन स्टैंडर्ड (वीसीएस) कार्यक्रम के तहत कंपनी को 1.7 लाख ’कार्बन क्रेडिट’ जारी करेगा।

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