जब भी आप अपनी कार या बाइक में पेट्रोल-डीजल भरवाने पेट्रोल पंप (Petrol Pump) पर जाते हैं तो एक दिलचस्प चीज जरूर देखी होगी। जैसे ही गाड़ी की फ्यूल टंकी भर जाती है, पेट्रोल पंप का नोजल (Petrol Pump Nozzle) अपने आप तेल देना बंद कर देता है। इसके लिए पेट्रोल पंप कर्मचारी को कोई बटन दबाने की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर गाड़ी की टंकी फुल होने पर नोजल खुद कैसे बंद हो जाता है? आइए इसके पीछे की तकनीक समझते हैं-
पेट्रोल पंप पर नोजल अपने आप तेल देना कैसे बंद कर देता है? (AI Generated Image)
कैसे काम करता है ऑटो कट-ऑफ सिस्टम?
पेट्रोल पंप पर इस्तेमाल होने वाले अधिकतर आधुनिक नोजल में ऑटोमैटिक शट-ऑफ सिस्टम लगा होता है। यह सिस्टम फ्यूल टैंक में पेट्रोल या डीजल का स्तर बढ़ने पर सप्लाई रोक देता है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी इलेक्ट्रॉनिक सेंसर या बिजली की जरूरत नहीं होती। यह तकनीक हवा के दबाव और वैक्यूम के सिद्धांत पर काम करती है।
नोजल में होता है एक छोटा छेद
पेट्रोल पंप के नोजल की नोक के पास एक छोटा सा छेद होता है। यह छेद नोजल के अंदर मौजूद एक पतली ट्यूब से जुड़ा होता है। जब तक टंकी में फ्यूल भर रहा होता है, तब तक इस छेद से हवा अंदर जाती रहती है। इस दौरान नोजल के भीतर बना वेंचुरी सिस्टम दबाव में अंतर पैदा करता है। जैसे-जैसे टंकी में पेट्रोल का लेवल बढ़ता है, फ्यूल नोजल की नोक तक पहुंचने लगता है। जब पेट्रोल उस छोटे छेद को ढक देता है, तो हवा का रास्ता बंद हो जाता है। छेद बंद होने से नोजल के अंदर वैक्यूम बढ़ जाता है। यह वैक्यूम एक डायफ्राम को एक्टिव करता है, जो नोजल के ट्रिगर को पकड़े रखने वाले मैकेनिज्म को रिलीज कर देता है। इसके बाद वाल्व बंद हो जाता है और पेट्रोल की सप्लाई तुरंत रुक जाती है। इसी प्रक्रिया को ऑटो कट-ऑफ कहा जाता है।
ऑटो कट-ऑफ के बाद क्या करें?
कई लोग ऑटो कट-ऑफ होने के बाद भी बार-बार नोजल दबाकर अतिरिक्त पेट्रोल भरवाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, ऐसा करने से बचना चाहिए। जरूरत से ज्यादा फ्यूल भरने से पेट्रोल बाहर छलक सकता है। बेहतर है कि पहली बार ऑटो कट-ऑफ होने पर ही फ्यूल भरवाना बंद कर दें। यह तकनीक पेट्रोल की बर्बादी रोकने और सुरक्षित तरीके से फ्यूल भरने में मदद करती है।
