कभी-कभार चलाते हैं कार तो इस तरह Car Insurance पर करें बड़ी बचत, प्रीमियम का बोझ हो जाएगा कम

भारत में, इंश्योरेंस कंपनियां आपको चलाए गए किलोमीटर या चुनी गई समयावधि के आधार पर इंश्योरेंस चुनने की अनुमति देती हैं। उदाहरण के लिए, आप नियमित पॉलिसी की तुलना में कम प्रीमियम पर 3,000 किमी या 5,000 किमी प्रति वर्ष का प्लान खरीद सकते हैं।

कार खरीदने के साथ कार इंश्योरेंस का बोझ अलग से उठाना पड़ता है। यह साल दर साल प्रत्येक वाहन मालिकों को चुकाना होता है। कार इंश्योरेंस का बढ़ता बोझ बहुत सारे लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। आपको बता दें कि भारत में कार इंश्योरेंस प्रीमियम, वाहन के प्रकार, उसकी उम्र, इंजन का साइज और रजिस्ट्रेशन के शहर के आधार पर तय होता है। लेकिन अगर आप अपनी कार कभी-कभार ही चलाते हैं तो क्या आपको भी एक सामान इंश्योरेंस प्रीमियम देना होगा या आप कम प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं। हां, आप कम प्रीमियम चुकाने का विकल्प चुन सकते हैं। बीमा कंपनियां अब पे-एज-यू-ड्राइव का विकल्प मुहैया करा रही है। आइए जानते हैं कि यह क्या है और कैसे प्रीमियम बोझ कम करने में मदद करता है।

कार इंश्योरेंस

कार इंश्योरेंस (Istock)

पे-एज-यू-ड्राइव कैसे काम करता है?

भारत में, इंश्योरेंस कंपनियां आपको चलाए गए किलोमीटर या चुनी गई समयावधि के आधार पर इंश्योरेंस चुनने की अनुमति देती हैं। उदाहरण के लिए, आप नियमित पॉलिसी की तुलना में कम प्रीमियम पर 3,000 किमी या 5,000 किमी प्रति वर्ष का प्लान खरीद सकते हैं। कुछ बीमा कंपनियां माइलेज रिकॉर्ड करने के लिए टेलीमैटिक्स डिवाइस, GPS ट्रैकर या यहां तक कि स्मार्टफोन ऐप का भी इस्तेमाल करती हैं। एक बार जब आप सीमा पार कर लेते हैं, तो आपको या तो कवर को टॉप-अप करना होगा या यह ज्यादा शुल्क वाली एक मानक पॉलिसी में बदल जाएगा।

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