धनतेरस और दिवाली (Dhanteras or Diwali) के मौके पर नई कार खरीदना कई लोगों के लिए शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस दौरान ऑटो कंपनियां और डीलर ग्राहकों को कई तरह के डिस्काउंट और फेस्टिव ऑफर भी देते हैं। लेकिन अगर आप इस दिवाली या धनतेरस पर 10 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाली कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो आपको एक और फायदा मिल सकता है। दरअसल, कार खरीदने पर चुकाया गया 1% टीसीएस (TCS) आप अगले साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय वापस क्लेम कर सकते हैं। अच्छी बात ये है कि यह रकम 10,000 रुपये या इससे ज्यादा हो सकती है-
महंगी कार खरीद रहे हैं तो आप भी पा सकते हैं टैक्स रिफंड (AI Generated Image)
10 लाख से ज्यादा की कार पर लगता है TCS
इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक, अगर किसी मोटर वाहन की बिक्री कीमत 10 लाख रुपये से अधिक है तो खरीदार को 1% टीसीएस (Tax Collected at Source) देना होता है। यह रकम कार डीलर खरीदारी के समय ग्राहक से वसूलता है और उसके पैन (PAN) के आधार पर सरकार के पास जमा करता है। उदाहरण के लिए अगर आप 20 लाख रुपये की कार खरीदते हैं, तो आपको 20,000 रुपये टीसीएस के रूप में देने होंगे। वहीं, 15 लाख रुपये की कार पर यह रकम 15,000 रुपये होगी।
हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि टीसीएस कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है। इसे आपकी ओर से पहले से जमा किया गया टैक्स माना जाता है। इसलिए इसे इनकम टैक्स रिटर्न में क्लेम किया जा सकता है। अगर आपकी कुल टैक्स देनदारी टीसीएस की रकम से कम है या शून्य है, तो अतिरिक्त रकम रिफंड के रूप में मिल सकती है। वहीं, टैक्स देनदारी ज्यादा होने पर टीसीएस की रकम उसमें एडजस्ट हो जाएगी।
कैसे क्लेम कर सकते हैं टीसीएस का रिफंड?
टीसीएस का पैसा वापस पाने के लिए सबसे पहले कार डीलर से फॉर्म 27D यानी टीसीएस सर्टिफिकेट लें। इसमें अपना पैन नंबर, जमा की गई टीसीएस की रकम और कलेक्शन की तारीख जरूर जांचें। इसके बाद इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन कर फॉर्म 26AS या AIS में टीसीएस क्रेडिट चेक करें।
अगर वहां रकम दिखाई नहीं देती है, तो आईटीआर दाखिल करने से पहले डीलर से संपर्क करें। इसके बाद संबंधित वित्त वर्ष का आईटीआर भरते समय टीसीएस क्रेडिट क्लेम करें और रिटर्न को ई-वेरिफाई करें। रिफंड मंजूर होने पर पैसा आपके प्री-वैलिडेटेड बैंक अकाउंट में आ जाएगा।
