‘टाइटल' स्पॉनसरशिप छोड़ना चाहता है पेटीएम, बायजूस पर बीसीसीआई का करोड़ों बकाया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 22, 2022, 06:30 AM IST

पिछले कुछ सालों से भारतीय क्रिकेट की सभी स्पर्धाओं का टाइटल स्पॉन्सर पेटीएम ने अपने अधिकार अन्य कंपनी को देने का बीसीसीआई से अनुरोध किया है।

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मुंबई: पिछले कई सालों से भारतीय क्रिकेट टीम की घरेलू स्पर्धाओं की टाइटल स्पॉन्सर फिनटेक कंपनी पेटीएम ने पेटीएम इसे छोड़ने का फैसला किया है। पेटीएम ने बीसीसीआई से अपने अधिकार मास्टरकार्ड को देने का अनुरोध किया है। बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की गुरूवार को मुंबई में हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गयी।

‘टाइटल' स्पॉनसरशिप छोड़ना चाहता है पेटीएम, बायजूस पर बीसीसीआई का करोड़ों बकाया

326.80 करोड़ में हुआ था चार साल का अनुबंध
बैठक में शामिल सूत्र के मुताबिक, पेटीएम ने बीसीसीआई से प्रायोजन को किसी अन्य कंपनी को सौंपने का अनुरोध किया है और बोर्ड इस पर विचार कर रहा है।' अगस्त 2019 में पेटीएम ने भारत में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के मैचों के ‘टाइटल’ प्रायोजक के तौर पर जुड़ाव चार साल के लिये बढ़ाया था। पेटीएम को साल 2019 से 2023 तक टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए 326.80 करोड़ रुपये देने थे। प्रति मैच यह डील 3.80 करोड़ रुपये की थी। इससे पहले यह राशि 2.4 करोड़ रुपये प्रतिमैच थी। 

शेयर मार्केट में एंट्री के बाद बेहाल हुई कंपनी
पिछले साल शेयरमार्केट में लिस्ट होने के बाद से पेटीएम के शेयरों में लगातार गिरावट का दौर जारी है। पेटीएम तकरीबन 1950 रुपये की कीमत पर शेयर बाजार में लिस्ट हुआ था। कंपनी ने आईपीओ के जरिए तकरीबन 18300 करोड़ रुपये जुटाए थे। वर्तमान में पेटीएम का शेयर तकरीबन 730 रुपये तक पहुंच गया है। जिसका असर कंपनी की सेहत पर दिखाई पड़ रहा है। 

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