Rice Production In Indian States: भारत में चावल उत्पादन के नए आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023-24 में तेलंगाना राज्य ने देश के सबसे बड़े चावल उत्पादक राज्य के रूप में पहला स्थान हासिल किया है। राष्ट्रीय उद्यानिकी बोर्ड (NHB), कृषि मंत्रालय और पशुपालन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक तेलंगाना ने 16,874 हजार मीट्रिक टन (एमटी) चावल का उत्पादन किया है, जो देश के कुल उत्पादन का 12.24 प्रतिशत है। तेलंगाना के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा है, जहां 15,990 हजार एमटी चावल का उत्पादन हुआ, जो देश के कुल उत्पादन का 11.60 प्रतिशत है। तीसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल है, जिसने 15,687 हजार एमटी चावल का उत्पादन किया और कुल उत्पादन में इसका हिस्सा 11.38 प्रतिशत रहा।
देश के 10 सबसे बड़े चावल उत्पादक राज्य (तस्वीर-istock)
पंजाब और छत्तीसगढ़ की मजबूत उपस्थिति
उत्तर भारत का प्रमुख कृषि राज्य पंजाब इस लिस्ट में चौथे स्थान पर रहा। पंजाब ने 14,356 हजार एमटी चावल का उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का 10.42 प्रतिशत है। वहीं छत्तीसगढ़, जिसे धान का कटोरा कहा जाता है या धान का कटोरा कहा जाता है। उसने 9,703 हजार एमटी उत्पादन के साथ 5वां स्थान प्राप्त किया। इसका राष्ट्रीय हिस्सेदारी 7.04 प्रतिशत रही।
वर्ष 2023-24 में टॉप 10 राज्यों में चावल का उत्पादन
| चावल उत्पादक राज्य | चावल उत्पादन (000)MT में | देश में योगदान (प्रतिशत में) |
| 1. तेलंगाना | 16,874.00 | 12.24% |
| 2.उत्तर प्रदेश | 15,990.00 | 11.60% |
| 3.पश्चिम बंगाल | 15,687.00 | 11.38% |
| 4.पंजाब | 14,356.00 | 10.42% |
| 5.छत्तीसगढ़ | 9,703.00 | 7.04% |
| 6.ओडिशा | 8,474.00 | 6.15% |
| 7.बिहार | 7,902.00 | 5.73% |
| 8.आंध्र प्रदेश | 7,342.00 | 5.33% |
| 9.मध्य प्रदेश | 7,240.00 | 5.25% |
| 10.तमिलनाडु | 6,799.00 | 4.93% |
पूर्वी राज्यों का योगदान
ओडिशा और बिहार ने भी देश के चावल उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ओडिशा का उत्पादन 8,474 हजार एमटी (6.15%) रहा, जबकि बिहार ने 7,902 हजार एमटी (5.73%) का उत्पादन किया। ये दोनों राज्य पूर्वी भारत में धान की खेती के पारंपरिक केंद्र माने जाते हैं।
दक्षिण भारत का प्रदर्शन
दक्षिण भारत के दो बड़े राज्य, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, भी शीर्ष 10 उत्पादक राज्यों में शामिल हैं। आंध्र प्रदेश ने 7,342 हजार एमटी (5.33%) और तमिलनाडु ने 6,799 हजार एमटी (4.93%) चावल का उत्पादन किया। इसके अलावा, मध्य प्रदेश ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 7,240 हजार एमटी (5.25%) उत्पादन दर्ज किया।
देश का कुल उत्पादन 1.10 करोड़ टन से अधिक
राष्ट्रीय उद्यानिकी बोर्ड (NHB) और कृषि मंत्रालय एवं पशुपालन विभाग के मुताबिक कुल मिलाकर देश में वर्ष 2023-24 के दौरान 1,10,367 हजार मीट्रिक टन यानी 1.10 करोड़ टन से अधिक चावल का उत्पादन हुआ है। यह आंकड़ा भारत की कृषि क्षमता और किसानों की मेहनत को दर्शाता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौसम की अनुकूलता, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और सिंचाई सुविधाओं में सुधार के कारण चावल उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। आने वाले वर्षों में उत्पादन और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर उन राज्यों में जहां किसान नई फसल तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं।
