Farmers Income : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में किसानों की आय और सुरक्षा को लेकर सरकार की पहलें शेयर कीं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में मोदी सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों से केवल तंबाकू जैसी हानिकारक फसलें छोड़ने का अनुरोध नहीं किया, बल्कि उनके लिए लाभकारी विकल्प भी उपलब्ध कराए। तंबाकू उगाने वाले क्षेत्रों में अब हाइब्रिड मक्का, मिर्च, शकरकंद, कपास, आलू, चिया, फीड बीन, लोबिया, रागी, रेड ग्राम, गन्ना, सोयाबीन, ज्वार और मूंगफली जैसी फसलें किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प हैं। यह कदम किसानों की कैश आमदनी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
किसानों की आय और सुरक्षा पर मोदी सरकार की प्राथमिकता
छोटे किसानों के लिए एकीकृत खेती
देश के अधिकांश किसान छोटी जोत वाले हैं, इसलिए केवल एक फसल पर निर्भर रहना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसे देखते हुए सरकार ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग यानी एकीकृत खेती के कई मॉडल तैयार किए हैं। इन मॉडलों में किसान एक साथ अनाज (गेहूं, धान), सब्जियां, फल, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन और कृषि वानिकी जैसी गतिविधियां कर सकते हैं। इससे किसान साल भर स्थिर और बेहतर आमदनी अर्जित कर सकते हैं।
फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य और ऐतिहासिक खरीदी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने गेहूं, धान, दलहन और तिलहन सहित सभी प्रमुख फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाया है। इसके साथ ही एमएसपी पर ऐतिहासिक खरीदी भी जारी है। उन्होंने कहा कि तुअर, मसूर और उड़द जैसी दलहन फसलों के लिए किसानों का पंजीकरण कराने पर सरकार पूरी खरीद के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम दाल उत्पादक किसानों को बड़ा सहारा देता है।
फसल बीमा में सुधार और समय पर भुगतान
पूर्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मुआवजा मिलने में महीनों लग जाते थे। अब मोदी सरकार ने इसमें सुधार किया है। एक किसान की फसल को नुकसान होने पर बीमा कंपनी को मुआवजा देना अनिवार्य है। यदि उपज के आंकड़े आने के 21 दिन के भीतर भुगतान नहीं होता, तो बीमा कंपनियों और राज्यों को 12% ब्याज सहित भुगतान करना होगा। मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” के अनुरूप किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि रक्षक पोर्टल और अन्य डिजिटल माध्यमों से मिली शिकायतों की गंभीरता से जांच होती है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है।
डीबीटी के जरिए सीधे भुगतान
राजस्थान और अन्य राज्यों में हाल के वर्षों में फसल बीमा की रकम सीधे किसानों के खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए जमा की गई है। यह कदम सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। कुल मिलाकर, मोदी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लाभकारी फसलों की पेशकश, एकीकृत खेती के मॉडल, MSP पर ऐतिहासिक खरीदी, फसल बीमा में सुधार और डिजिटल शिकायत प्रणाली जैसी कई पहलें की हैं। इन प्रयासों से छोटे और बड़े दोनों तरह के किसानों की आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।
