Farmers Income : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने करनाल, हरियाणा में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे सशक्त बनाना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि किसानों की आय बढ़े और कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाए।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कैसे बढ़ेगी किसानों की आय
2047 तक विकसित भारत का सपना
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "विकसित भारत 2047" दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि और संबंधित क्षेत्र इस लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारा निरंतर प्रयास है कि खेती को कैसे बेहतर बनाया जाए और किसानों की आमदनी कैसे बढ़ाई जाए।”
जीन एडिटिंग और उन्नत किस्में
चौहान ने आईसीएआर-भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान में 'जीन एडिटिंग' प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों की सराहना की और कहा कि आज भारत गेहूं उत्पादन में दुनिया में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बायो-फोर्टिफाइड किस्में, कम पानी वाली फसलें और गर्मी सहने योग्य बीजों के विकास की आवश्यकता बताई।
विज्ञान और किसान का समन्वय
मंत्री चौहान ने कहा, “हमें किसानों को विज्ञान से जोड़ना होगा।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रति हेक्टेयर उत्पादन को बढ़ाना होगा और किसानों तक वैज्ञानिक शोध का लाभ पहुंचाना जरूरी है। पिछले 10 वर्षों में गेहूं उत्पादन में 25% की वृद्धि इसका उदाहरण है।
डेयरी क्षेत्र में भी इनोवेशन की जरूरत
एनडीआरआई के 21वें दीक्षांत समारोह में चौहान ने डेयरी क्षेत्र के तकनीकी उन्नयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के डेयरी उत्पाद विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं, यदि वैज्ञानिक तरीके और विभिन्न तरह के कृषि मॉडल अपनाए जाएं।
संस्कृति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक
राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि दूध और डेयरी उत्पाद सिर्फ आहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत का भी हिस्सा हैं। एनडीआरआई जैसे संस्थान इन लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
