Mixed Farming: एक ही खेत से 3 तरह से कमाई, मिश्रित खेती से बदलें किस्मत

Mixed Farming: किसान कटहल, पपीता और पत्ता गोभी की मिश्रित खेती से एक ही खेत में तीन फसलें उगाकर अलग-अलग समय पर आय प्राप्त कर सकते हैं, जिससे कम जमीन में अधिक मुनाफा होता है।

Mixed Farming : अगर किसान अपनी जमीन का सही उपयोग करें और आधुनिक तकनीक अपनाएं, तो कम क्षेत्र में भी अच्छी कमाई कर सकते हैं। आजकल कई किसान एक ही खेत में तीन फसलें कटहल, पपीता और पत्ता गोभी साथ में उगा रहे हैं। इस तरीके को मिश्रित खेती (multi cropping system) कहा जाता है। इसमें खास बात यह है कि तीनों फसलें अलग-अलग समय पर तैयार होती हैं, जिससे किसान को पूरे साल लगातार आय मिलती रहती है। इस मॉडल में पत्ता गोभी जल्दी तैयार हो जाती है और शुरुआती खर्च निकाल देती है। इसके बाद पपीता मध्यम अवधि में अच्छी कमाई देता है। वहीं कटहल लंबे समय तक स्थायी आय का स्रोत बन जाता है। इस तरह किसान एक ही जमीन से तीन स्तर पर लाभ कमा सकते हैं।

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मिश्रित खेती से बढ़ रही किसानों की आमदनी

खेत की तैयारी और पौधों की सही दूरी

मिश्रित खेती शुरू करने के लिए सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करनी जरूरी होती है। खेत को 2 से 3 बार जोतकर मिट्टी को भुरभुरी बना लेना चाहिए। इसके बाद खेत की मेड़ों पर कटहल के पौधे लगाए जाते हैं। कटहल के पौधों के बीच करीब 15 से 20 फीट की दूरी रखी जाती है, ताकि वे बड़े होकर बाकी फसलों को नुकसान न पहुंचाएं। पपीते के पौधे खेत के अंदर कतारों में लगाए जाते हैं। इनके लिए 6×6 या 8×8 फीट की दूरी उपयुक्त मानी जाती है। जब तक पपीते के पौधे छोटे रहते हैं, तब तक खाली जगह में पत्ता गोभी की खेती आसानी से की जा सकती है। इससे जमीन का पूरा उपयोग हो जाता है।

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