Digital system of milk procurement: हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि किसानों से दूध की बिक्री और खरीद के लिए अगले साल मार्च तक डिजिटल व्यवस्था लागू हो जाएगी। सुक्खू ने 50,000 लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले दूध प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन किया। इसे रामपुर के दत्तनगर क्षेत्र में 25.67 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
Digital system of milk procurement
SMS पर मिलेगा जानकारी
उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से किसानों को एसएमएस के जरिये दूध की गुणवत्ता और उसकी कीमत के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 20,000 लीटर की क्षमता वाला एक संयंत्र पहले से ही स्थापित है और नए संयंत्र के साथ अब क्षमता बढ़कर 70,000 लीटर प्रतिदिन हो गई है। संयंत्र की बढ़ी हुई क्षमता से चार जिलों शिमला, कुल्लू, मंडी और किन्नौर को फायदा होगा। यह 271 दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े लगभग 20,000 किसानों के लिए भी लाभकारी साबित होगा।
नई डिजिटल प्रणाली से किसानों को होगा फायदा-CM
मुख्यमंत्री के अनुसार, नई डिजिटल प्रणाली से किसानों को एसएमएस सूचनाओं के माध्यम से उनके दूध की गुणवत्ता और मूल्य निर्धारण के बारे में समय पर अपडेट प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह वास्तविक समय डेटा प्रणाली यह भी सुनिश्चित करेगी कि भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा हो, जिससे देरी कम होगी और डेयरी उत्पादकों के लिए वित्तीय सुरक्षा बढ़ेगी।
सुक्खू ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दत्तनगर में मिल्कफेड द्वारा नव स्थापित दूध प्रसंस्करण संयंत्र के उद्घाटन के दौरान यह अपडेट दिया। बता दें कि प्लांट में फ्लेवर्ड मिल्क, खोया, मक्खन, घी, पनीर, लस्सी और दही सहित कई तरह के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
