मानसून से पहले भीषण गर्मी में खेतों में कर लें ये काम, होगी फसल की बंपर पैदावार

Organic Farming: भीषण गर्मी के दौरान गहरी जुताई, प्राकृतिक खाद का उपयोग और मृदा परीक्षण करने से मिट्टी उपजाऊ बनती है। मानसून से पहले ये जैविक उपाय अपनाने पर फसल की पैदावार बढ़ने की संभावना रहती है।

Organic Farming : देशभर में गर्मी का सितम चल रहा है। इस समय किसानों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। कृषि एक्सपर्ट्स का मानना है कि नौतपा के दिनों में जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, उतना ही बेहतर मानसून (Monsoon Preparation) आने की संभावना रहती है। ऐसे में किसानों के लिए यह समय जैविक खेती की तैयारी करने का सबसे अच्छा अवसर माना जाता है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक जैविक खेती में मिट्टी को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाना सबसे जरूरी होता है। इसका मुख्य उद्देश्य रासायनिक खादों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना तथा मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीवों का संतुलन बनाए रखना है। मानसून आने से पहले खेत की मिट्टी को भुरभुरी, हवादार और जैविक रूप से सक्रिय बनाना चाहिए, ताकि फसल को पर्याप्त पोषण मिल सके।

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गर्मी में करें खेतों की तैयारी, मानसून से पहले अपनाएं ये जैविक उपाय, बढ़ेगी फसल की पैदावार

गर्मी में गहरी जुताई से मिलेगा फायदा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मी के मौसम में खेतों की गहरी जुताई जरूर करनी चाहिए। इससे मिट्टी की निचली परत ऊपर आ जाती है और सूर्य की तेज किरणें मिट्टी में मौजूद हानिकारक फंगस, बैक्टीरिया, कीड़ों के अंडे और लार्वा को नष्ट कर देती हैं। यह प्राकृतिक तरीके से खेत की सफाई का काम करता है। साथ ही जुताई के बाद मिट्टी में हवा का संचार बढ़ता है, जिससे ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है।

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