अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि वह यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता और कीव के साथ खुफिया जानकारी साझा करने पर लगा अपना प्रतिबंध तुरंत हटा लेगा। कहीं न कहीं यूक्रेन और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के लिए ये बड़ी राहत की बात होगी। इससे पहले अमेरिका ने यूक्रेन के साथ सूचना साझा करने पर रोक लगाने की घोषणा कर दी थी, जिसे अब बदल दिया गया है।
वोलोदिमीर जेलेंस्की को फिर मिला डोनाल्ड ट्रंप का साथ।
आखिरकार अमेरिका ने क्यों उठाया था ये कदम?
अमेरिका ने यह कदम करीब एक सप्ताह पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को रूसी सेना के साथ युद्ध समाप्त करने के मद्देनजर वार्ता में शामिल होने का दबाव डालने के लिए उठाया था। यह घोषणा सऊदी अरब में यूक्रेन और अमेरिका के बीच वार्ता के दौरान की गई। यूक्रेन ने यह भी कहा कि वह रूस के साथ युद्ध में 30 दिन के संघर्ष विराम के लिए तैयार है, जो क्रेमलिन समझौते के अधीन होगा।
अमेरिका के बाद यूक्रेन को फ्रांस का मिला था साथ
अमेरिका द्वारा कीव के साथ सूचना साझा करने पर रोक लगाने की घोषणा के बाद फ्रांस ने ये घोषणा की थी कि वो यूक्रेन को सैन्य खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है। अमेरिका ने इससे पहले जब यूक्रेन से खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक लगाई थी, तो अमेरिका ने कहा था कि उसने यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना रोक दिया है, जिससे युद्धग्रस्त देश को रूसी बल को निशाना बनाने में मिलने वाली महत्वपूर्ण जानकारी का प्रवाह बंद हो गया है।
रूसी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने और लक्ष्यों का चयन करने के मद्देनजर यूक्रेन के लिए अमेरिकी खुफिया जानकारी महत्वपूर्ण है। ऐसे में अमेरिका के इस फैसले के बाद जेलेंस्की और यूक्रेन ने राहत भरी सांस ली होगी।
