अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले सप्ताह ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से भारत और उज्बेकिस्तान के दौरे पर आ रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विदेश विभाग के अनुसार, मार्को रुबियो अपनी इस यात्रा के दौरान सबसे पहले उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे और उसके बाद 17 से 22 अक्टूबर तक भारत के मुंबई और जामनगर के दौरे पर रहेंगे।
मार्को रुबियो भारत दौरे पर आएंगे
मई के बाद भारत का दूसरा दौरा
इस साल मई के बाद मार्को रुबियो का भारत का यह दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा नई दिल्ली में आयोजित क्वॉड (Quad) विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने आए थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि अपनी इस यात्रा के दौरान रुबियो भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वह व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बिजनेस लीडर्स से भी मिलेंगे।
जामनगर दौरा क्यों है खास?
मार्को रुबियो का जामनगर दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह शहर रिलायंस की रिफाइनरी का घर है, जो प्रतिदिन 14 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता के साथ दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट रिफाइनरी सुविधा है। गौरतलब है कि इसी साल मार्च में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेश के साथ पिछले 50 वर्षों में अपनी पहली रिफाइनरी का निर्माण करेगा। ट्रंप ने बताया था कि यह रिफाइनरी टेक्सास के ब्राउनविल्स (Brownsville) में 300 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बनाई जाएगी।
समरकंद में 'C5+1' मंत्रिस्तरीय बैठक में लेंगे हिस्सा
भारत आने से पहले, रुबियो उज्बेकिस्तान के समरकंद में 'C5+1' मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। इस मंच के जरिए अमेरिका और मध्य एशिया के देशों के बीच शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य के लिए रणनीतिक सहयोग को रेखांकित किया जाएगा। इस यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिज गणराज्य - यानी सभी पांच C5 देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।
इस दौरान 200 से अधिक कारोबारी दिग्गजों का एक बड़ा अमेरिकी व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल भी मार्को रुबियो के साथ रहेगा, जो अमेरिका और मध्य एशिया के बीच मजबूत व्यावसायिक सहयोग के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
