दुनिया

'डार्लिंग, चलो फ्रांस चलते हैं...' हिंसक प्रदर्शनों के बीच ट्रंप ने फ्रांस का उड़ाया मजाक, बोले- क्रांतियों के लिए बेहतरीन देश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे हिंसक विरोध-प्रदर्शनों का मजाक उड़ाया। उन्होंने तंज कसते हुए फ्रांस को 'क्रांतियों का केंद्र' बताया, जबकि वहां बढ़ती महंगाई को लेकर लोगों में भारी असंतोष है।

Image

ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे हिंसक विरोध-प्रदर्शनों का मजाक उड़ाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों पर तंज कसा। उन्होंने फ्रांस को 'क्रांतियों के लिए एक आदर्श जगह' बताया। वहां बढ़ती महंगाई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, लूटपाट हुई और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

ट्रंप ने फ्रांस के हालात पर चुटकी लेते हुए कहा, 'डार्लिंग, राष्ट्रपति ने अभी हमें 5,000 डॉलर भेजे हैं। चलो फ्रांस चलें? यह बहुत प्यारी जगह है। वहां कोई दंगा नहीं, कोई क्रांति नहीं होती। वैसे, फ्रांस तो क्रांतियों के लिए एकदम बेहतरीन जगह लगती है! यकीन ही नहीं होता। चलो फ्रांस चलते हैं और क्रांति में शामिल होते हैं।'

फ्रांस के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन

रविवार को फ्रांस के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए, जिसके बाद वहां की सड़कें बुरी तरह तबाह हो गईं। गौरतलब है कि इससे पहले कई हफ्तों तक छात्रों ने भी प्रदर्शन किए थे। यह सब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यकाल के खत्म होने और नए चुनावों से ठीक छह महीने पहले हो रहा है।

ट्रंप की बात का समर्थन करते हुए, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने भी इस हिंसा पर अपनी राय रखी। उन्होंने इसके लिए 'इमिग्रेशन' (प्रवास) को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि फ्रांस और अन्य पश्चिमी देश प्रवासियों को अपने समाज में शामिल करने और उनके साथ तालमेल बिठाने के मुद्दों को सुलझाने में नाकाम रहे हैं।

वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, 'पश्चिमी उदारवादियों ने विविधता और करुणा के नाम पर फ्रांस और अन्य देशों में 'तीसरी दुनिया' (गरीब देशों) के लोगों को बुला लिया। उन्होंने प्रवासियों को समाज में शामिल करने और तालमेल बिठाने जैसे बुनियादी सवालों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया।' उन्होंने आगे कहा, 'उन्हें पहले ही चेतावनी दी गई थी कि ऐसा हो सकता है, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। मैं प्रार्थना करता हूं कि फ्रांस-जो अद्भुत लोगों से भरा एक खूबसूरत देश है-इस पागलपन को रोक दे, इससे पहले कि वहां के और भी महत्वपूर्ण स्थल जलकर खाक हो जाएं। मुझे उम्मीद है कि अमेरिकी लोग इस पर ध्यान दे रहे होंगे। डेमोक्रेट्स आपके देश के लिए यही भविष्य चाहते हैं।'

देश भर में लोग बढ़ती महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे

शनिवार को फ्रांस में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए। देश भर में लोग बढ़ती महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर चीज़ें फेंकीं और आतिशबाजी का इस्तेमाल किया, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

पेरिस और अन्य शहरों में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के दौरान ही यह हिंसा भड़क उठी।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article