US Iran Agreement Updates: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और शांति समझौते (MoU) को लेकर चल रही बातचीत अभी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंची है। अमेरिका द्वारा समझौते के मसौदे (Draft Agreement) में किए गए हालिया बदलावों पर ईरान ने अपना कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' (Tasnim) के अनुसार, तेहरान प्रशासन अमेरिकी संशोधनों की समीक्षा करने के बाद अब इस मसौदे में अपने खुद के सुझाव और बदलाव (Amendments) शामिल करेगा। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है।
अमेरिका-ईरान समझौते पर अभी 'अंतिम मुहर' नहीं! US के संशोधित ड्राफ्ट पर ईरान करेगा खुद के बदलाव
'संशोधन भेजने का मतलब यह नहीं कि हमने मंजूरी दे दी'
ईरानी सूत्रों ने अमेरिकी मीडिया में चल रही उन खबरों पर प्रतिक्रिया दी है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिका ने ड्राफ्ट समझौते के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों में बदलाव कर उसे तेहरान वापस भेज दिया है। इस पर ईरानी कूटनीतिक सूत्रों ने साफ लहजे में कहा कि, 'अमेरिका की तरफ से संशोधनों का मसौदा भेजे जाने का यह कतई मतलब नहीं है कि तेहरान ने उन्हें हूबहू मंजूरी दे दी है। ईरान केवल उसी समझौते को स्वीकार करेगा, जिसमें उसके राष्ट्रीय हित और शर्तें सुरक्षित होंगी।'
व्हाइट हाउस की बैठक बेनतीजा, ईरान ने दिखाई आंख
इस बीच, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने रविवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि, 'तेहरान अमेरिका के साथ किसी भी ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा जो पूरी तरह से ईरानी अधिकारों को सुरक्षित न करता हो।'
गौरतलब है कि शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में व्हाइट हाउस में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई थी, जो संभावित समझौते पर बिना किसी अंतिम फैसले (Final Decision) के समाप्त हो गई थी। गालिबाफ का यह तीखा बयान इसी बैठक के बाद आया है, जो दिखाता है कि ईरान बातचीत की मेज पर बैकफुट पर आने को तैयार नहीं है।
अटकलों पर ध्यान न दें, बातचीत जारी: विदेश मंत्री अराक्ची
पूरे मामले पर जमीनी स्थिति स्पष्ट करते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची (Abbas Araghchi) ने रविवार को सरकारी मीडिया से कहा कि अमेरिका के साथ बैकचैनल कूटनीति और संदेशों का आदान-प्रदान लगातार जारी है। अराक्ची ने मीडिया और विशेषज्ञों से अपील करते हुए कहा कि, 'हमें इस समय चल रही किसी भी तरह की अटकलों को ज्यादा महत्व नहीं देना चाहिए। जब तक हम किसी स्पष्ट और ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच जाते, तब तक इस बातचीत का कोई अंतिम मूल्यांकन नहीं किया जा सकता।'
