US Iran Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता को लेकर संशय बरकरार है। इस बीच, पश्चिम एशिया से अमेरिकी सैन्य मौजूदगी में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका पश्चिम एशिया क्षेत्र से अपने एक विमानवाहक पोत हटाने की तैयारी कर रहा है।
सीबीएस न्यूज ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि एक अमेरिकी विमानवाहक पोत अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ कुछ ही दिनों में पश्चिम एशिया क्षेत्र से हट सकता है।
कितने अमेरिकी विमानवाहक पोत हैं तैनात
अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद पश्चिम एशिया में तीन विमानवाहक पोतों को तैनात किया है, जिनमें USS Gerald R. Ford, USS George H.W. Bush और USS Abraham Lincoln है।
अमेरिका फिलहाल लाल सागर में तैनात USS Gerald R. Ford को वापस बुलाने की तैयारी कर रही है, जबकि दो अन्य पोत अरब सागर में तैनात हैं। द वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, विमानवाहक पोतों का इस्तेमाल ईरान के तेल और अन्य सामान ले जाने वाले जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी लागू करने के लिए किया जा रहा है।
तेहरान के हौसले होंगे बुलंद
रिपोर्ट के मुताबिक, USS Gerald R. Ford की वापसी से अमेरिकी नाकेबंदी की सैन्य ताकत कुछ हद तक हम हो सकती है। USS Gerald R. Ford पिछले 309 दिनों से लगातार समुद्र में तैना है, जो किसी उन्नत अमेरिकी विमानवाहक पोत के लिए सबसे लंबी अवधि मानी जा रही है। इतने लंबे समय तक समुद्र में तैनाती की वजह से पोत में तकनीकी समस्याएं भी सामने आई हैं, जिसमें लॉन्ड्री रूम में आग और टॉयलेट से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।
USS Gerald की कब होगी वापसी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, USS Gerald R. Ford मई के मध्य तक वर्जीनिया लौटेगा, जहां उसकी मरम्मत और रखरखाव किया जाएगा। आमतौर पर अमेरिकी विमानवाहक पोतों की तैनाती 6 से 7 माह के लिए होती है, ताकि उनका रखरखाव समय पर हो सके।
