अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से जारी जंग को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने डबलिन से बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद खत्म हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने तेल की कीमतों को लेकर भी बड़ी भविष्यवाणी की।
डोनाल्ड ट्रंप
क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि उम्मीद है कि युद्ध जल्द खत्म होगा,लेकिन संभवतः नवंबर के मिडटर्म चुनावों के बाद। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान चुनाव तक संघर्ष को खींचने की कोशिश कर रहा है, ताकि अमेरिकी चुनाव को प्रभावित किया जा सके। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी जनता इस रणनीति को समझती है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह बहुत जल्द होगा। संभवतः मिडटर्म चुनावों के ठीक बाद।" ट्रंप ने आगे कहा कि संघर्ष खत्म होते ही तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी।
ईरान बोला-न युद्ध चाहते हैं, न संघर्ष जारी रखना
वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शनिवार को कहा कि पश्चिम एशिया को अमेरिका की ओर से किसी 'क्षेत्रीय पुलिसकर्मी' की जरूरत नहीं है। उन्होंने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात के दौरान यह बात कही। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा कि क्षेत्र की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा की गारंटी वही देश दे सकते हैं, जो इस क्षेत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने बाहरी शक्तियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही।पेजेश्कियन ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध या लगातार जारी संघर्ष नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि अपने लोगों के साथ हुई तमाम ज्यादतियों के बावजूद ईरान न तो युद्ध चाहता है और न ही इसे जारी रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि शांति ईरान की प्राथमिकता है।
छह महीने से जारी संघर्ष, तेल की कीमतों पर असर
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से ईरान पर हमले से ये युद्ध शुरू हुआ था। इसके बाद ईरान ने पूरे क्षेत्र में जवाबी हमले किए और रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर तनाव बना हुआ है। छह महीने से अधिक समय से जारी नाकाबंदी ने वैश्विक तेल बाजार पर दबाव बढ़ाया है। इसी सप्ताह कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।
