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हॉर्मुज बना 'Strait Of Trump'! अमेरिकी राष्ट्रपति ने शेयर किया नया नक्शा

  • Agency by: Agency
  • Updated Jun 24, 2026, 12:04 PM IST

US Iran War: ट्रंप ने सोशल मीडिया हैंडल ट्रूथ सोशल पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की एक तस्वीर शेयर की है। हालांकि, इस तस्वीर में ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर स्ट्रेट ऑफ ट्रंप (Strait Of Trump) कर दिया है। ट्रंप ने बुधवार को ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को शानदार रणनीति बताते हुए कहा कि तेहरान को हार माननी ही पड़ेगी, जब तक कि वह अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नहीं छोड़ देता।

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ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नई तस्वीर शेयर की। Trump Truth Social

Photo : Twitter

US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। वहीं, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी कर इस समुद्री रास्ते को और भी खतरनाक बना दिया है।

इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप लगातार नई-नई धमकियां देते रहे हैं। इसी बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया हैंडल ट्रूथ सोशल पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की एक तस्वीर शेयर की है। हालांकि, इस तस्वीर में ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर स्ट्रेट ऑफ ट्रंप (Strait Of Trump) कर दिया है।

'परमाणु हथियारों के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं'

वहीं, ट्रंप ने बुधवार को ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को शानदार रणनीति बताते हुए कहा कि तेहरान को हार माननी ही पड़ेगी, जब तक कि वह अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नहीं छोड़ देता। ट्रंप ने आगे कहा, नाकाबंदी शानदार रणनीति है। यह पूरी तरह से अचूक साबित हुई है।

इससे पता चलता है कि हमारी नौसेना कितनी शक्तिशाली है, मैं आपको बता सकता हूं। कोई भी हमारे साथ खिलवाड़ नहीं करेगा। हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है, जिसका अधिकांश हिस्सा मैंने अपने पहले कार्यकाल में बनाया और तब से हम इसे लगातार विकसित कर रहे हैं। यह दुनिया में कहीं भी सबसे शक्तिशाली है, कोई भी इसके आसपास भी नहीं है।

नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी: ट्रंप

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अमेरिका की चिंताओं को दूर करने वाले डील पर जब तक सहमत नहीं होता तब तक होर्मुज के बाहर उसकी नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी। ईरान चाहता है कि अमेरिका पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर से अपनी घेराबंदी हटाए। इस घेराबंदी की वजह से ईरान के जहाजों का आवागमन नहीं हो पा रहा है।

रिपोर्टों में कहा गया है कि इससे ईरान को भारी दिक्कत होने लगी है। वहीं, Axios की रिपोर्ट में इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यूएस के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बातचीत पर बने गतिरोध को तोड़ने के लिए ईरान पर 'छोटे लेकिन ताकतवर' हमले की एक योजना तैयार की है।

CENTCOM अपने हमलों में ईरान की बुनियादी संरचनाओं को निशाना बना सकता है। इन हमलों का मकसद बातचीत शुरू करने के लिए ईरान पर दबाव बनाना है। ट्रंप का कहना है कि 'ब्लॉकेड, बॉम्बिंग से ज्यादा कारगर है और वह काइनेटिक एक्शन की मंजूरी दे सकते हैं।'

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