अमेरिका, लैटिन अमेरिकी देशों के आसमान में 3 बसों की साइज वाला जासूसी गुब्बारा, चीन का इनकार

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Feb 4, 2023, 10:09 AM IST

अमेरिका के आसमां में किस देश का जासूसी गुब्बारा है। यह सवाल इसलिए उठ खड़ा हुआ है क्योंकि चीन ने इनकार किया है। इसके साथ ही पेंटागन का कहना है कि उसमे किसी भी गुब्बारे को गिराने का फैसला नहीं लिया है।

बढ़ रहा है। इससे पहले वाला गुब्बारा कनाडा और अमेरिका के एयर स्पेस में दिखाई दिया था। इन जासूसी गुब्बारों को फिलहाल अमेरिका ने मार गिराने का फैसला नहीं किया है। लेकिन विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन का चीन का दौरा टल गया है। अगर यह दौरा संपन्न होता तो ब्लिंकन 2017 के बाद पहले विदेश मंत्री होते हैं। ये बात अलग है कि चीन ने अमेरिका के आसमान में जासूसी गुब्बारों के होने से इनकार किया है। यहां बता दें कि जासूसी गुब्बारों का आकार तीन बसों के बराबर है।

chinese spy balloon

अमेरिका के आसमां में एक और जासूसी गुब्बारा

'चीन ऐसा क्यों कर सकता है'

हवाई के पैसिफिक फोरम थिंक टैंक के एक विश्लेषक अलेक्जेंडर नील ने कहा कि गुब्बारे की खुफिया जानकारी सीमित होने की संभावना है, इसका वास्तविक इरादा अधिक राजनीतिक हो सकता है।हो सकता है कि चीन ने केवल यह दिखाने के लिए एक प्रमुख अमेरिकी परमाणु मिसाइल साइलो कॉम्प्लेक्स के ऊपर एक जासूसी गुब्बारा भेजा हो कि वह ऐसा कर सकता है। इसके पास सूचनाओं को बटोरने के लिए निगरानी और जासूसी के कहीं अधिक उन्नत तरीके हैं।तुलनात्मक रूप से, एक जासूसी गुब्बारा भेजना तकनीक जो दशकों से चली आ रही है वो अब उतनी कारगर नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन के पास जासूसी और सैन्य उपग्रहों का अपना समूह है जो अमेरिका पर नज़र रखने के मामले में कहीं अधिक महत्वपूर्ण और प्रभावी हैं, इसलिए मुझे लगता है कि यह एक उचित धारणा है कि खुफिया लाभ बहुत बड़ा नहीं है।

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