रमजान का पाक महीना (Ramadan) चल रहा है इस दौरान हत्या के एक दोषी को सऊदी अरब में मौत की सजा (Saudi Arabia death sentence) दी गई, मानवाधिकार समूहों ने कहा कि सऊदी अरब ने रमजान के महीने में सालों बाद किसी नागरिक को मौत के घाट उतार दिया है वहीं इस फैसले की निंदा की जा रही है क्योंकि इस पवित्र महीने को छोड़ा जा सकता था।
प्रतीकात्मक फोटो
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बताया जा रहा है कि व्यक्ति को रमजान के पांचवें दिन मृत्युदंड दिया गया और जिस शख्स को मौत की सजा दी गई, वो सऊदी अरब का नागरिक था और उस पर एक व्यक्ति की हत्या का आरोप था, शख्स ने पीड़ित पर चाकू से हमला किया था और फिर उसे आग लगा दी थी।
'इस पाक महीने में किसी को मौत के घाट के उतारना अच्छा नहीं '
यूरोपीय सऊदी मानवाधिकार संगठन (ESOHR) ने कहा कि बहुत ही भयंकर और निंदनीय है इस पाक महीने में किसी को मौत के घाट के उतारना अच्छा नहीं है उन्होंने कहा कि 2009 से इस पाक महीने के दौरान फांसी नहीं दी जाती थी मगर इस बार दी गई।
2009 के बाद से अब तक रमजान के पवित्र महीने में एक भी मौत की सजा नहीं
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए मौत की सजा के आंकड़ों का हवाला देते हुए संगठन ने कहा कि सऊदी में साल 2009 के बाद से अब तक रमजान के पवित्र महीने में एक भी मौत की सजा नहीं दी गई थी। पिछले साल सऊदी ने ड्रग्स से जुड़े अपराधों के लिए मौत की सजा को दोबारा से बहाल कर दिया है वहीं सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा था कि हत्या के मामले और बहुत सारे लोगों के जीवन को खतरे में डालने वाले अपराधों को छोड़कर सऊदी ने मौत की सजा से 'छुटकारा' पा लिया है।
