ट्रंप के साथ मीटिंग से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर भारत की वैश्विक भूमिका की खुलकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा है कि भारत आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक ऐसा देश बन चुका है जिसका हस्तक्षेप "उचित और रचनात्मक" माना जाता है। भारत की विदेश नीति, उसके संतुलित दृष्टिकोण और वैश्विक मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी को पुतिन ने विशिष्ट बताते हुए भारत-रूस संबंधों की मजबूत और विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (फोटो- AP)
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजे संदेश
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजे गए अपने बधाई संदेश में पुतिन ने भारत को "वैश्विक एजेंडे के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान में सक्रिय भागीदार" कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत को विश्व मंच पर जो सम्मान और अधिकार प्राप्त हैं, वे उसकी स्थिर विदेश नीति, लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक संतुलन में योगदान का परिणाम हैं।
क्या बोले पुतिन
पुतिन ने कहा, "हम भारत के साथ अपने विशेष रणनीतिक साझेदारी संबंधों को महत्व देते हैं।" उन्होंने यह विश्वास जताया कि दोनों देश, अपने संयुक्त प्रयासों से, व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और व्यापक बनाएंगे। यह न केवल दोनों देशों के लोगों के लिए लाभदायक होगा, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता को भी मजबूती देगा।
भारत की जमकर तारीफ
भारत और रूस के संबंध दशकों से घनिष्ठ और भरोसेमंद रहे हैं। शीतयुद्ध के समय से चली आ रही यह मित्रता अब बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में नए आयाम ले रही है, जहां भारत की तटस्थ लेकिन निर्णायक भूमिका को रूस विशेष महत्व देता है। पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विश्व कई भू-राजनीतिक तनावों और द्विपक्षीय टकरावों से जूझ रहा है। ऐसे में भारत का संतुलित रुख और कूटनीतिक मध्यस्थता की क्षमता उसे वैश्विक व्यवस्था में एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है।
