नहीं बन पा रही पाकिस्तान की अफगानिस्तान से बात, कहा- तालिबान सरकार से शांति वार्ता चार दिन बाद भी नाकाम

पाकिस्तान तालिबान पर हमलों में बढ़ोतरी से जुड़े मिलिटेंट्स को पनाह देने का आरोप लगाता है, जबकि काबुल इस बात से इनकार करता है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ किया जा रहा है।​ पाक ने तालिबान सरकार पर आरोप लगाया कि वह बॉर्डर पार से जानलेवा हमलों के लिए जिम्मेदार मिलिटेंट्स के खिलाफ कार्रवाई करने से मना कर रही है।

Pakistan-Afghanistan Talks: पाकिस्तान के इन्फॉर्मेशन मिनिस्टर ने बुधवार सुबह होने से पहले कहा कि इस्तांबुल में चार दिन की बातचीत के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता फेल हो गई है। उन्होंने काबुल में

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पाकिस्तान बोला इस्तांबुल में तालिबान सरकार के साथ शांति वार्ता चार दिन बाद भी नाकाम रही। (Photo-AP)

यह बातचीत दोहा में पहले हुए एक राउंड के बाद हुई थी, जिसमें 19 अक्टूबर को सीजफायर हुआ था। दोनों पक्षों के बीच बॉर्डर पर हुई जानलेवा झड़पों में सैनिकों, आम लोगों और मिलिटेंट्स समेत दर्जनों लोग मारे गए थे।

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