पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने बीते सप्ताह अपनी बेटी का निकाह किया है। यह आयोजन बेहद निजी और गुपचुप तरीके से किया गया, इसलिए दुनिया को इसकी भनक नहीं लग सकी। अब पाकिस्तानी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से इस निकाह की जानकारी दी है। हैरानी की बात यह है कि मुनीर ने अपनी कट्टरपंथी सोच दिखाते हुए बेटी महनूर मुनीर का निकाह जिस शख्स से किया है वो उनका सगा भतीजा अब्दुर रहमान है। अब्दुर रहमान उनके भाई कासिम मुनीर का बेटा है।
आसिम मुनीर ने भतीजे को बनाया दामाद।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,यह निकाह 26 दिसंबर को रावलपिंडी में संपन्न हुआ। यह निजी समारोह था,इसलिए शादी से जुड़ी कोई आधिकारिक तस्वीर सार्वजनिक नहीं की गई। विवाह समारोह किसी होटल या मैरिज हॉल में नहीं, बल्कि जीएचक्यू (GHQ) के पास स्थित फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के सरकारी आवास में आयोजित किया गया। पाकिस्तान के पत्रकार जाहिद गिश्कोरी ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर इस बारे में जानकारी दी।
कौन हैं अब्दुर रहमान?
अब्दुर रहमान पहले पाकिस्तान सेना में कैप्टन के पद पर तैनात थे। बाद में उन्होंने सिविल सर्विसेज जॉइन की और फिलहाल वह सेना अधिकारियों के लिए आरक्षित कोटे के तहत असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में कार्यरत हैं।
सेना पर पकड़ होगी और मजबूत
आसिम मुनीर द्वारा अपनी बेटी की शादी सगे भतीजे से कराए जाने को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि वे पाकिस्तानी सेना पर एक परिवार की जड़ें जमाना चाहते हैं।बता दें कि आसिम मुनीर की चार बेटियां हैं। दो बेटियों का निकाह इससे पहले हो चुका है। यह उनकी तीसरी बेटी की शादी थी।
कई बड़ी शख्सियतों ने की शिरकत
भले ही यह समारोह निजी था और मेहमानों की संख्या काफी सीमित रखी गई थी,लेकिन इसमें कई बड़े लोग भी शामिल हुए।शादी में यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान,पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उप प्रधानमंत्री इशाक डार, आईएसआई प्रमुख और पाकिस्तानी सेना के कई शीर्ष जनरल मौजूद रहे।
दाने-दाने के लिए तरस रहा पाकिस्तान
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान आंतरिक असंतोष, आर्थिक संकट और सेना के बढ़ते राजनीतिक दखल को लेकर तीखी आलोचनाओं का सामना कर रहा है। शादी में राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री और उप प्रधानमंत्री समेत पूरी सिविल लीडरशिप की मौजूदगी को इस बात की पुष्टि के तौर पर देखा जा रहा है कि पाकिस्तान में वास्तविक सत्ता अब भी सेना के हाथों में ही है।
