नेपाल की मदद को कई देश तैयार, तो क्या काठमांडू ने किया इनकार? सरकार ने खुद बताई पूरी सच्चाई

Nepal Flood Foreign Aid: नेपाल-चीन सीमा के पास आई भीषण बाढ़ और भारी तबाही के बाद नेपाल सरकार ने अपना रुख बदलते हुए अंतरराष्ट्रीय मदद स्वीकार करने का फैसला किया है। शुरुआत में स्थानीय क्षमता का हवाला देने के बाद, कूटनीतिक दबाव और विकट परिस्थितियों को देखते हुए नेपाल ने पड़ोसी देशों से मदद मांगी है।

Nepal Flood Foreign Aid: नेपाल-चीन सीमा और रसुवा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ से मची भीषण तबाही के बाद नेपाल सरकार ने अपना रुख बदल लिया है। शुरुआत में विदेशी सहायता लेने में हिचकिचाहट दिखाने के बाद, अब नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद स्वीकार करने का फैसला किया है। इस त्रासदी में 570 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और करीब एक हजार लोग अब भी लापता हैं।

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नेपाली मीडिया 'काठमांडू पोस्ट' के अनुसार, विदेशी नागरिकों के लापता होने और कई देशों के बढ़ते कूटनीतिक दबाव के बाद नेपाल ने अपनी रणनीति में यह बदलाव किया है। इससे पहले, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा था कि सरकार शुरुआती चरण में अपनी सुरक्षा एजेंसियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) की क्षमता का इस्तेमाल करने को प्राथमिकता दे रही थी।

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