Israel Iran War: ईरान पर इजराइल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अब दुनिया ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है। इस बीच खबर है कि इजराइल ने शनिवार तड़के किए गए हमले में ईरान की कमर तोड़कर रख दी है। येरूशलेम पोस्ट के अनुसार, इजराइली सेना (IDF) ने ईरान के एक दर्जन ठिकानों को निशाना बनाया। इजराइल ने जानबूझकर वहां बम गिराए, जहां लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन बनाया जाता था। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान को इससे काफी नुकसान हुआ है।
इजराइल-ईरान संघर्ष।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली रक्षा बलों ने ईरान के उन लक्ष्यों को भी निशाना बनाया, जिन्हें ईरान अपने दम पर नहीं बना सकता था और उन्हें चीन से खरीदना पड़ता था। इसके अलावा इजरायली सूत्रों से यह भी पता चला है कि IDF ने चार एस-300 एयर डिफेंस सिस्टम को भी तबाह किया है, जिन्हें ईरान के परमाणु और ऊर्जा कार्यक्रमों की रक्षा करने के लिए तैनात किया गया था।
जिन मिसाइलों से इजराइल पर हुआ था हमला, वो भी हुई तबाह
बता दें, बीते 1 अक्टूबर को ईरान ने इजराइल पर हमला किया था। इस हमले में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल खेइबर और हज कासेम का इस्तेमाल किया गया था। अब इजराइल ने शनिवार को किए गए हमले में इन मिसाइलों को चलाने वाले सॉलिड फ्यूल मिक्सर को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि जिन S-300 एयर डिफेंस बैटरियों पर हमला किया गया, वे रूस निर्मित थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री पूरी तरह से नष्ट हो गई।
ईरान ने दिया संघर्ष विराम का सुझाव
इस बीच ईरान की सेना ने शनिवार रात एक बयान जारी किया जिसमें गाजा पट्टी और लेबनान में संघर्षविराम का सुझाव दिया गया। इस संबंध में ईरानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसे इजराइल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन बयान से ऐसे संकेत मिलते हैं कि तेहरान शनिवार तड़के हुए इजराइल के हमले के बाद तनाव को और बढ़ने से रोकने का रास्ता तलाशने की कोशिश कर रहा है। ईरान की सेना ने कहा कि इजराइल ने हमलों में इराकी हवाई क्षेत्र से तथाकथित ‘स्टैंड-ऑफ’ मिसाइलों का इस्तेमाल किया और ईरान के तीन प्रांतों में लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए ये हथियार बहुत हल्के थे। बयान में कहा गया कि ईरानी सैन्य राडार स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं, लेकिन कुछ की मरम्मत पहले से ही जारी थी।
