कूटनीति या टकराव? ईरान बोला-दोनों के लिए तैयार, अमेरिका पर नहीं है भरोसा, अगर हमला हुआ तो...

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि सैन्य हमले या धमकियां किसी देश की तकनीकी प्रगति को नहीं रोक सकतीं। बातचीत के दौरान ही पिछले जून में ईरान पर हमला किया गया, जो तेहरान के लिए बेहद खराब अनुभव रहा। उनका देश अमेरिका से वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन अगर सैन्य हमला होता है तो वह पलटवार के लिए भी तैयार हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ कूटनीति जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी नए सैन्य आक्रमण का जवाब देने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साफ किया कि हाल के अनुभवों के चलते तेहरान को अब भी वाशिंगटन पर पूरा भरोसा नहीं है।

डोनाल्ड ट्रंप और अयातुल्ला खामेनेई।

डोनाल्ड ट्रंप और अयातुल्ला खामेनेई।

'सैन्य हमले या धमकियां किसी देश की तकनीकी प्रगति को नहीं रोक सकतीं'

उन्होंने रूस टुडे को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि राजनयिक समाधान के अलावा कोई विकल्प नहीं है।परमाणु संवर्धन की बात पर उन्होंने कहा कि सैन्य हमले या धमकियां किसी देश की तकनीकी प्रगति को नहीं रोक सकतीं। बातचीत के दौरान ही पिछले जून में ईरान पर हमला किया गया, जो तेहरान के लिए बेहद खराब अनुभव रहा।

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