PM Modi in Johannesburg: जी20 सम्मेलन में हिस्सा लेने दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहानिसबर्ग पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत हुआ। भारतवंशियों ने पीएम मोदी का जोरदार एवं गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके सामने 11 राज्यों के लोकनृत्य और भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विविधता पेश की। पीएम ने इसकी तारीफ भी की। X पर अपने ट्वीट में पीएम ने कहा कि यह भारत की विविधता में एकता और भारतवंशी आज भी अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं, यह उसकी पहचान कराता है। इसके अलावा पीएम ने दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के तकनीकी उद्यमियों और भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत की और उनसे भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने का आह्वान किया।
जोहानिसबर्ग में भारतवंशियों के बीच पीएम मोदी। तस्वीर-X/@narendramodi
'रिद्म ऑफ ए यूनाइटेड इंडिया'
पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए भारतवंशियों ने 'रिद्म ऑफ ए यूनाइटेड इंडिया' नाम से कार्यक्रम पेश किया। इसमें केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, झारखंड और राजस्थान के लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए। अपने पोस्ट में पीएम ने कहा कि साउथ अफ्रीका में भारत की शानदार सांस्कृतिक विविधता दिखी! भारतीय समुदाय के लोगों ने ‘एकजुट भारत की लय’ नाम के एक छोटे सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत के 11 राज्यों के लोक नृत्य दिखाने में सबसे आगे रहे। यह तारीफ के काबिल है कि भारतीय समुदाय अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है।
भारतीय मूल के तकनीकी उद्यमियों से मिले पीएम
दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के तकनीकी उद्यमियों और भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ पीएम ने बातचीत की और उनसे भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनकी भारतीय मूल के तकनीकी उद्यमियों के साथ उपयोगी बातचीत हुई। उन्होंने ‘फिनटेक’, सोशल मीडिया मंच, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा उपकरण आदि क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों के बारे में बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने उनसे भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने तथा हमारे लोगों के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।’
पीएम को चिन्मय मिशन की ओर से एक कलश दिया गया
प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के उन लोगों से भी मुलाकात की जो विभिन्न सामुदायिक संगठनों के साथ मिलकर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘उन्होंने (भारतीयों ने) विभिन्न मुद्दों पर अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति की सराहना की। उनसे आग्रह किया कि वे लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की गति को बनाए रखें।’उन्होंने कहा, ‘मैंने उनसे दक्षिण अफ्रीका के लोगों के बीच योग, आयुर्वेद जैसी प्रथाओं सहित भारतीय संस्कृति की लोकप्रियता को बढ़ावा देने के लिए भी कहा।’ प्रधानमंत्री को चिन्मय मिशन की ओर से एक कलश भी दिया गया, जिसमें भारत और दक्षिण अफ्रीका का श्री अन्न (मोटा अनाज) था। उन्होंने कहा, 'इसे डरबन के अन्नपूर्णा देवी मंदिर में रखा जाएगा।'
