POJK में मानवाधिकार संकट के आरोप: JKHRO की रिपोर्ट में गोलीबारी, गिरफ्तारियां और संचार प्रतिबंधों का दावा

जम्मू-कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी की यह रिपोर्ट 5 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच की घटनाओं पर आधारित है। संगठन का कहना है कि इस दौरान बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रशासनिक प्रतिबंधों ने आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित किया है।

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हर बीतते दिन के साथ हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। यहां विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी और लोगों से झड़प लगातार जारी है। इस बीच POJK में मानवाधिकार और मानवीय स्थिति को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। जम्मू-कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी (JKHRO) ने अपनी ताजा कार्यकारी रिपोर्ट में दावा किया है कि क्षेत्र में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और यह अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि नागरिक सुरक्षा और मानवीय सहायता से जुड़ा गंभीर संकट बन चुका है।

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POJK) में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। AI IMAGE

जम्मू-कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी की यह रिपोर्ट 5 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच की घटनाओं पर आधारित है। संगठन का कहना है कि इस दौरान बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रशासनिक प्रतिबंधों ने आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित किया है।

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