China News: चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेना (PLA) के शीर्ष नेतृत्व पर अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली दंडात्मक कार्रवाई की है। शुक्रवार को चीन के सर्वोच्च सैन्य निकाय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) से दो बेहद शक्तिशाली और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया। सरकारी मीडिया एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, दोनों अधिकारियों पर अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन का आरोप है।
शी जिनपिंग ने CMC के दो टॉप जनरलों को हटाया (फाइल
CMC से हटे नंबर-2 अधिकारी झांग यूशिया और लियू जेनली
चीन की सेना पर पूर्ण नियंत्रण रखने वाली 7-सदस्यीय संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से जिन दो शीर्ष जनरलों को हटाया गया है, वे हैं:
जनरल झांग यूशिया (Zhang Youxia): यह शी जिनपिंग के बाद CMC में दूसरे सबसे शक्तिशाली अधिकारी थे और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के निर्णय लेने वाले शक्तिशाली पोलित ब्यूरो के भी सदस्य थे।
जनरल लियू जेनली (Liu Zhenli): ये CMC के वरिष्ठ सदस्य होने के साथ-साथ पीएलए (PLA) के जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ थे।
इस अचानक हुई बर्खास्तगी के बाद चीन के शक्तिशाली सैन्य आयोग में अब शी जिनपिंग सहित केवल दो सक्रिय सदस्य ही बचे हैं, जो चीनी सेना के शीर्ष नेतृत्व में पैदा हुए अभूतपूर्व संकट को दर्शाता है।
डोकलाम और गलवान झड़प के कमांडर झाओ जोंगकी पर भी गाज
इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के साथ ही चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था (CPPCC) ने जनरल झाओ जोंगकी (Zhao Zongqi) की सदस्यता भी रद्द कर दी है। जनरल झाओ जोंगकी वही सैन्य कमांडर हैं जो 2017 के डोकलाम गतिरोध और जून 2020 में गलवान घाटी में हुई खूनी झड़प के दौरान पीएलए (PLA) की 'वेस्टर्न थिएटर कमांड' के प्रमुख थे। भारत-चीन सीमा पर तैनात इसी कमान का नेतृत्व करते हुए उन्होंने भारतीय सेना के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया था।
सत्ता का संघर्ष?
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में चीनी सेना के रॉकेट फोर्स और रक्षा मंत्रालय में जिस तरह से बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी हुई है, यह उसी की अगली कड़ी है। हालांकि, इतने बड़े स्तर पर शीर्ष जनरलों पर कार्रवाई से यह भी साफ है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग सेना पर अपना पूर्ण और एकछत्र नियंत्रण मजबूत कर रहे हैं।
