कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में एक सैन्य बेस पर युद्धाभ्यास के दौरान भीषण आग लगने से दर्दनाक हादसा हो गया। आग की चपेट में आने से चार सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 39 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 19 की हालत गंभीर बताई गई है। हादसा शनिवार को सीएफबी वाइनराइट सैन्य प्रशिक्षण केंद्र में हुआ, जहां सैनिक लाइव-फायर कॉम्बैट ट्रेनिंग कर रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, तेज हवाओं के कारण आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया और सैनिकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सांकेतिक फोटो
कनाडा के सैन्य अधिकारियों ने रविवार को बताया कि आग लगने के समय सैनिक युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभ्यास कर रहे थे। आग तेजी से प्रशिक्षण क्षेत्र में फैल गई और कई सैनिक इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया और घायलों को आसपास के कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
अचानक बदली हवा, तेजी से फैली आग
मेजर जनरल वेड रटलैंड के मुताबिक, सैन्य अधिकारियों को आग लगने की जानकारी कई घंटे पहले मिल गई थी। उस समय आग को नियंत्रित माना जा रहा था और प्रशिक्षण जारी रखने की अनुमति दी गई थी। इसी बीच, हवा की दिशा अचानक बदल गई और आग महज 36 सेकंड में एक किलोमीटर का दायरा पार करते हुए सैनिकों तक पहुंच गई। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर झोंके 100 किमी/घंटा तक पहुंच गए थे। घटनास्थल पर मौजूद एक कमांडर के अनुसार, सैनिकों ने पहले आग को दूर देखा था, लेकिन एक मिनट से भी कम समय में लपटें उनके पास पहुंच गईं।
यह दुर्घटना शनिवार को 'प्रिंसेस पेट्रिशिया की कनाडाई लाइट इन्फैंट्री' की तीसरी बटालियन की चार्ली कंपनी द्वारा की जा रही उच्च-तीव्रता वाले कॉम्बैट अभ्यास के दौरान हुई। करीब 84 सैनिकों को दो समूहों में बांटा गया था। एक समूह ग्रेनेड रेंज में अभ्यास कर रहा था, जबकि दूसरा दुश्मन के ठिकानों पर हमले का अभ्यास कर रहा था। तभी आग ने इस दूसरे प्रशिक्षण क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया।
चार सैनिकों की मौत, 19 की हालत गंभीर
कनाडाई सेना ने हादसे में जान गंवाने वाले चार सैनिकों की पहचान सार्जेंट मॉर्गन वोंग, प्राइवेट शॉन फैरेल, एडन गोल्डिंग और हेडन लाइकमार्क के रूप में की है। ये सभी एडमंटन स्थित तीसरी बटालियन में तैनात थे। अल्बर्टा की स्वास्थ्य सेवाओं की प्रमुख सायेह जील्के के मुताबिक, 39 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें 19 की हालत गंभीर है, आठ की स्थिति स्थिर है और 12 अन्य को कम गंभीर चोटों के लिए उपचार दिया जा रहा है। कुछ सैनिकों को गंभीर रूप से झुलसने के कारण हफ्तों या महीनों तक गहन चिकित्सा की जरूरत पड़ सकती है।
घायलों को वाइनराइट से एडमंटन, कैलगरी और रेड डियर के चार अस्पतालों में पहुंचाया गया। बचाव अभियान में 22 एंबुलेंस, छह विमान और दो हेलीकॉप्टर लगाए गए। पड़ोसी प्रांत सस्केचेवान ने भी बचाव अभियान में मदद की। अधिकारियों के अनुसार, सभी घायलों का पता लगा लिया गया है और किसी अन्य घायल के परिवहन का इंतजार नहीं है।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख, झंडे आधे झुकाने के आदेश
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस घटना को कनाडाई सेना के लिए देश की धरती पर हुई सबसे भीषण शांतिकालीन त्रासदियों में से एक बताया। उन्होंने मृत सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और संघीय सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज को आधे झुकाने का आदेश दिया। मृतकों के परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है।
अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने भी हादसे पर दुख जताया। वहीं, विपक्षी कंजर्वेटिव नेता पियरे पोइलिव्रे ने रविवार को वाइनराइट का दौरा किया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने दूसरों की मदद के लिए खतरे की ओर दौड़ लगाई और अब खुद अस्पतालों में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
आग लगने की वजह की जांच शुरू
सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के वास्तविक कारण का अभी पता नहीं चला है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शनिवार को हवा की गति आमतौर पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे से कम थी, लेकिन बाद में तेज हवाओं ने आग को फैलने में मदद की। आग ने प्रशिक्षण क्षेत्र में बने फायरब्रेक यानी आग को फैलने से रोकने के लिए बनाए गए अवरोधों को भी पार कर लिया था। बाद में स्थानीय दमकलकर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। आसपास के ग्रामीण इलाकों में आग फैलने के बावजूद स्थानीय निवासियों के लिए निकासी का आदेश जारी नहीं किया गया।
कनाडाई सेना ने कहा है कि फिलहाल आतंकवादी घटना से जुड़े कोई संकेत नहीं मिले हैं। सैन्य जांचकर्ता हादसे की परिस्थितियों और सुरक्षा नियमों की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने में समय लग सकता है। चार्ली कंपनी को प्रशिक्षण क्षेत्र से हटा लिया गया है और रविवार को बटालियन का बाकी प्रशिक्षण भी रोक दिया गया।
