ड्रग के भारी नशे में इजरायल में घुसे थे हमास के आतंकी, 'कैप्टागॉन' खाकर मचाया कत्लेआम, खेला 'खूनी खेल'

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Oct 26, 2023, 12:32 PM IST

Captagon Drug: साल 2015 के आस-पास 'कैप्टागॉन' ड्रग का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन आईएसआईएस करने लगा। जघन्य अपराधों को अंजाम देने में उसके लड़ाकों को किसी तरह का डर या भय महसूस न हो, इसके लिए वह उन्हें 'कैप्टागॉन' ड्रग देता था। इसके नशे में आतंकवादी लोगों का गला रेतने से लेकर अन्य क्रूर वारदातों को करने से हिचकते नहीं थे।

Captagon Drug: गत सात अक्टूबर को इजरायल में दाखिल होकर वहां 'नरसंहार' करने वाले हमास के आतंकियों के बारे में चौंकाने वाला सनसनीखेज खुलासा हुआ है। 'खूनी खेल' खेलने वाले हमास के लड़ाके ड्रग के भयंकर नशे में थे। इस ड्रग के नशे में उन्होंने महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की निर्दयता पूर्वक हत्या की। इसका खुलासा यरूशलम पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। अखबार का दावा है कि मारे गए आतंकवादियों की जेब से ड्रग 'कैप्टागॉन' की गोलियां मिलीं। मध्य पूर्व के कई देशों में यह ड्रग कम कीमत में आसानी से उपलब्ध है।

Drug hamas

हमास के मारे गए आतंकवादियों के पास से ड्रग मिलने का दावा।

क्या है कैप्टगॉन

कैप्टगॉन को सबसे पहले 1960 के दशक में बनाया गया था और दुनियाभर में इसका इस्तेमाल एंटीडिप्रेसेंट (अवसाद की दवा) के रूप में किया जाता है। इसके अलावा इसे कई और बीमारियों में भी डॉक्टरों द्वारा सुझाया जाता है। कैप्टागॉन के बारे में कहा जाता है कि इसके भूख नहीं लगती और नींद कम आती है। इसे 'गरीबों का कोकीन' कहा जाता है। इसे लेने के बाद व्यक्ति अच्छाई और बुराई के बीच फर्क नहीं कर पाता। मुश्किल एवं चुनौतीपूर्ण समय में वह ज्यादा खुद को सतर्क रखता है।

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