Sep 10, 2026
बिहार के चंपारण के रहने वाले आदर्श कुमार ने बेहद सीमित संसाधनों के बावजूद अपने भविष्य के लिए लगातार मेहनत बनाए रखी। महज 14 साल की उम्र में वे करीब 1,000 रुपये और एक पुराने लैपटॉप के साथ बेहतर शिक्षा की तलाश में घर से निकलकर कोटा पहुंचे थे।
Credit: canva
कोटा में महंगी कोचिंग का खर्च उठा पाना उनके लिए मुश्किल था। इसके बाद उन्होंने फ्री लाइब्रेरी, इंटरनेट और ऑनलाइन संसाधनों के जरिए खुद पढ़ाई करने और नए अवसर तलाशने का रास्ता चुना।
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इसी दौरान उन्होंने स्टार्टअप और ग्रासरूट प्रोजेक्ट्स पर काम किया और बाद में Skillzo नाम का प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिसका मकसद छात्रों को स्किल्स, मेंटरशिप, ट्रेनिंग और बेहतर करियर अवसरों से जोड़ना है।
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आदर्श को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। वे Google Youth Advisor चुने गए और कई ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप व स्टूडेंट प्रोग्राम्स से जुड़े। साल 2025 में आदर्श ने Global Student Prize जीता।
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उन्हें करीब 11 हजार नामांकन और आवेदन में से 148 देशों के प्रतिभागियों के बीच चुना गया। इस पुरस्कार के तहत उन्हें 1 लाख डॉलर की राशि मिली और वे इस सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय बने।
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अब आदर्श को कतर स्थित Georgetown University में करीब 3.5 करोड़ रुपये की फुल-राइड स्कॉलरशिप मिली है। इस स्कॉलरशिप के जरिए उनकी उच्च शिक्षा से जुड़े प्रमुख खर्चों को कवर किया जाएगा।
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Georgetown तक पहुंचने से पहले उन्हें करीब 22 यूनिवर्सिटी से रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कोशिश जारी रखी।
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आदर्श की रुचि Political Science, Economics और International Relations जैसे विषयों में है। बिहार में शिक्षा और अवसरों से जुड़ी चुनौतियों को करीब से देखने के कारण उनकी दिलचस्पी पॉलिसी और गवर्नेंस में भी बढ़ी है।
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उनकी कहानी यह दिखाती है कि कम संसाधन शुरुआत को मुश्किल बना सकते हैं, लेकिन लगातार मेहनत, सीखने की इच्छा और सही अवसर तलाशने का हौसला आगे बढ़ने का रास्ता बना सकता है।
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